नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पता चला है कि सरकार ने ट्रेजरी को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों को वेतन पांच और पेंशनर को 10 तारीख को पेंशन दी जाए। इस तरह से कर्मचारियों का बजट गड़बड़ा जाएगा। सभी को घर का किराया और तमाम तरह के लोन की किस्तें देनी होती हैं। घर का किराया, बच्चों की फीस और राशन का खर्च देना पड़ता है। बिजली, पानी और गैस का बिल भरना पड़ता है। जो सभी लोग प्रायः पांच तारीख से पहले ही देते हैं। यदि उन्हें वेतन और पेंशन देर से मिला तो उनके लिए अलग समस्या खड़ी हो जाएगी। इसलिए सरकार से निवेदन है कि वह समय से सभी का वेतन जारी करे। सोमवार को जारी बयान में जयराम ने आरोपलगाया कि सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों की भविष्य निधि (जीपीएफ) को भी गिरवी रखकर कर्ज ले लिया है।
कर्मचारी अपने खर्चे से कटौती करके पैसा अपने लिए बचाता है, जिससे वह अपने जीवन के सबसे जरूरी काम करता है। उसे भी गिरवी रखा जा रहा है। 18 महीने के कार्यकाल में सुक्खू सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज ले लिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस साल के अंत तक यह ऋण एक लाख करोड़ रुपये के पास पहुंच जाएगा। सुक्खू सरकार ने सिर्फ कर्ज लेने के मामले में ही रिकॉर्ड नहीं तोड़ा है, बल्कि विकास की गति को धीमा करने, संस्थान बंद करने और नौकरियां छीनने के मामले में भी रिकॉर्ड कायम किया है। आज डेढ़ साल के कार्यकाल में सरकार के खिलाफ हर वर्ग सड़कों पर है। सचिवालय में बैठे कर्मचारी ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।