नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को जायज ठहराया है। उन्होंने प्रदेश सरकार को विश्वासघाती और धोखेबाज करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनावों से पूर्व कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि हम सत्ता में आएंगे तो आउटसोर्स बंद कर पक्की नौकरी देंगे लेकिन अब मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचों से ही कह रहे हैं कि पद आउटसोर्स से भरने जा रहे हैं। शिक्षकों के वेतन पर भी टिप्पणी की जा रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनावों से पूर्व कांग्रेस वायदे कुछ करती है और जब सत्ता में आती है तो फिर मुकर जाती है। इनके नेता कर्मचारी हितैषी होने का दंभ भरते हैं, लेकिन जब कैबिनेट में इनके खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं तो वहां चुप्पी साध लेते हैं। ऐसे दोहरे चरित्र वाले नेता किसी का भला नहीं चाहते और सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पहली ऐसी सरकार है जो ऋण तो बेतहाशा ले रही है लेकिन न तो समय पर सैलरी मिल रही है और न डीए व एरियर घोषणा के बावजूद दिया जा रहा है। मेडिकल रिइंबर्समेंट का भुगतान दो वर्षों से नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्वेत पत्र जारी करें कि 20 माह में करीब 30 हजार करोड़ का ऋण लेकर उसे कहां खर्च किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि घोषणाओं के अनुरूप कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका हक अविलंब जारी किया जाए।