पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने और प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी से उतारने का आरोप लगाया है। शनिवार को जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गारंटी दी थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने इसके उलट जनता पर लगातार अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का काम किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कहा कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव के समय घर-घर जाकर 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद न केवल यह वादा भुला दिया गया बल्कि पूर्व सरकार की 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को भी लगभग समाप्त कर दिया गया। 300 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी भी खत्म कर दी गई, इससे लोगों के बिजली बिलों में दो से ढाई गुना तक वृद्धि हुई।
अब प्रदेश सरकार ने ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीसीए) के रूप में प्रति यूनिट 33 पैसे का अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। इससे प्रत्येक उपभोक्ता पर औसतन 100 से 125 रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को मिलने वाली सब्सिडी वाली बिजली पर भी यह अधिभार लगाया जा रहा है। नेता विपक्ष ने प्रदेश में बढ़ते अपराध और पुलिस अधिकारियों के बीच सामने आए विवादों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों के बीच खींचतान की जो बातें सामने आई हैं, वे न केवल हैरान करने वाली हैं बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल ही में दिनदहाड़े एक स्कूल परिसर में महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक बुजुर्ग महिला की भी निर्मम हत्या हुई। इसके बावजूद पुलिस विभाग के भीतर चल रही खींचतान चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और मुख्यमंत्री स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहे हैं।