पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार को आम लोगों से सरोकार नहीं है। सरकार नारा ‘सुख की सरकार’ का देती है और काम सारे ‘दुख की सरकार’ के करती है। उन्होंने कहा कि दिवाली के समय में सरकार ने डिपुओं में मिलने वाली खाद्य सामग्रियों के दाम में लगभग 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
ऐसे में आपदा की मार झेल रहे प्रदेशवासी क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि त्योहारों में सरकार लोगों को तोहफे देती है, जिससे लोग अच्छे से त्योहार मना सकें। लेकिन कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों पर महंगाई का बोझ डालने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ती है।
सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे : शर्मा
वहीं, हिमाचल प्रदेश पूर्व कर्मचारी वर्ग भाजपा प्रकोष्ठ ने कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं और मांगों पर सरकार की ओर से ध्यान नहीं देने पर चिंता जताई है। भाजपा पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की डीए की किस्त बकाया है। भत्तों के बारे में कोई बात नहीं हो रही है। 4-9-14 का मसला ठंडे बस्ते में डाल दिया है। एरियर की याद करवाना भी दूर की बात हो गई है। 2016 और 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों को 2022 के बाद न ग्रेच्युटी और न ही पेंशन कम्युटेशन मिली है। उन्हें एरियर का भुगतान भी नहीं हुआ है। प्रकोष्ठ ने सरकार से अनुरोध किया है की इन सब ज्वलंत समस्याओं का समाधान किया जाए तथा जिस बलबूते पर सरकार ने चुनाव के दौरान गारंटियां का वायदा किया था। उसको भी तुरंत देने का प्रयास करें। अन्यथा जनता चुप रहने वाली नहीं है।
सरकार ने दिवाली पर राशन किया महंगा : बिंदल
जहां केंद्र सरकार का सस्ते दाम पर आटा घर-घर पहुंचेगा वहीं प्रदेश सरकार ने दीपावली पर जनता पर महंगाई थोपी है। राशन डिपो में दालों के दाम बढ़ाकर सरकार ने जनविरोधी काम ने किया है। यह बात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने कही। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार पड़ी है। अब एपीएल परिवारों को दाल 9 रुपये और रिफाइंड तेल 10 रुपये महंगा मिलेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल परिवारों को दी जाने वाली माश की दाल अब 4 रुपये महंगी हो गई है। इन उपभोक्ताओं को डिपो में यह दाल 63 रुपये प्रति किलो मिलेगी। प्रदेश में साढ़े 19 लाख परिवारों को महंगाई का बोझ झेलना पड़ेगा।