मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने बोर्डों व निगमों में कई अनावश्यक नियुक्तियां कर रखी थीं, लेकिन वर्तमान सरकार प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए इन नियुक्तियों के दौरान प्रदेश की आर्थिक स्थिति का भी आकलन करेगी व उसके बाद ही नियुक्तियां होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर करीब 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार अपने स्तर पर प्रदेश की आर्थिक दशा मजबूत करने के उपाय तलाशेगी। साथ ही केंद्र से भी हरसंभव सहायता ली जाएगी।
महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरकार शिमला, मंडी और धर्मशाला स्थित तीनों पुलिस रेंज में महिला सेल स्थापित करेगी। यहां दर्ज मामलों की मुख्यमंत्री कार्यालय में बने सेल से 24 घंटे मानीटरिंग होगी।
ऐसे मामलों पर 48 घंटे में एक्शन भी लिया जाएगा।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में खनन माफिया, नशा माफिया, ट्रांसफर माफिया सहित सभी माफिया का सफाया किया जाएगा। सरकार प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बाहर निकालेगी।
जनता की सभी उम्मीदों पर सरकार खरा उतरेगी। पिछली सरकार के समय सूबे में कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए हैं। जनता के मन में कानून व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा हुआ है। गुड़िया और होशियार सिंह मामलों से जनता का पुलिस प्रशासन पर से जो भरोसा टूटा है, उसे फिर से कायम किया जाएगा।
सूबे के निचले इलाकों के शीतकालीन प्रवास को लेकर पूछे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सर्दियों में ही नहीं, बल्कि साल में किसी भी समय वह सूबे के किसी भी क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं।
हालांकि निचले क्षेत्रों में शीतकालीन प्रवास की परंपरा अभी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सूबे में फोरलेन के निर्माण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार हवाई और रेल सेवा के विस्तार के लिए भी कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष पूरी तरह खाली कर दिया है। पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम तीन माह में राहत कोष का सारा धन बांट दिया। इस कारण गरीब लोगों के इलाज के लिए नई सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष से धन जारी नहीं कर पा रही है।
मुख्यमंत्री ने तपोवन विधानसभा में यह बात कही। सीएम ने कहा कि लोग उन्हें गुलदस्ते या अन्य उपहार देने के बजाय मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान करें, ताकि जरूरतमंदों की मदद हो सके। उन्होंने कहा कि सीएम राहत कोष में सरकार के सभी कैबिनेट मंत्रियों ने अपने वेतन से एक-एक लाख रुपये के अंशदान का निर्णय लिया है।
दिल से करें आदर, पांव न छूएं
मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता के दौरान दोहराया कि लोग उनके, मंत्रियों और विधायकों के पांव न छूएं। पांव छूने की प्रचलित परंपरा से वह असहज महसूस करते हैं, क्योंकि कई बुजुर्ग लोग भी उनके व मंत्रियों के पांव छूने लगते हैं। जयराम बोले- लोगों का उनके प्रति दिल में आदर ही काफी है।