पूर्व कांग्रेस सरकार ने अवैध भवनों को नियमित करने के लिए पॉलिसी बनाई थी, इसमें हजारों लोगों ने भवन नियमित करवाने के लिए आवेदन किए। प्रदेश हाईकोर्ट ने भवन नियमितीकरण पर रोक लगा दी। अब सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए इस फैसले को कैबिनेट की बैठक में लाने जा रही है।
प्रदेश के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तौर पर अपग्रेड करने को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में पूर्व कांग्रेस सरकार के समय पहली अप्रैल 2017 के बाद लिए गए फैसलों की बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में समीक्षा हो सकती है।
शिक्षा विभाग ने करीब दस फैसलों को समीक्षा के लिए भेजा है। इसमें अप्रैल के बाद खोले गए नए स्कूल-कॉलेजों, अपग्रेड स्कूलों, नए स्कूल भवन बनाने को लैंड ट्रांसफर करने, संगीत विषय के शिक्षकों की भर्ती करने के मामले प्रमुख हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग में कांस्टेबलों के पदों के लिए इंटरव्यू कराने पर भी फैसला होना संभावित है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट वर्दी शुरू करने का मामला मंजूरी के लिए कैबिनेट की बैठक में जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही तय होगा कि नए शैक्षणिक सत्र से स्मार्ट वर्दी शुरू होगी या नहीं। इन दिनों स्मार्ट वर्दी के चयन को गठित कमेटी प्रस्ताव को तैयार करने में जुटी हुई है।
संभावित है कि 15 जनवरी को चयन कमेटी राज्य सरकार को मामले की फाइल सौंपेगी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट वर्दी शुरू करने का फैसला पूर्व कांग्रेस सरकार ने लिया है। कांग्रेस सरकार ने वर्दी के चयन के लिए एक कमेटी का गठन किया।
कमेटी ने आम जनता के अलावा विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी वर्दी तय करने के लिए सुझाव लिए। समाज के सभी वर्गों से सुझाव प्राप्त होने के बाद चयन कमेटी प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
जनता से प्राप्त सुझावों सहित अन्य राज्यों के स्टडी किए गए पैट्रन को जोड़कर प्रस्ताव बनाया जा रहा है। चयन कमेटी के अध्यक्ष और राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने बताया है कि जल्द ही सरकार को प्रस्ताव तैयार कर सौंपा जाएगा। चयन कमेटी ने जनता से ऑनलाइन सुझाव मांगे थे।
हमीरपुर स्थित फैशन डिजाइनिंग संस्थान से भी स्मार्ट वर्दी को लेकर चर्चा की। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जूते और बैग देने की घोषणा की थी। संभावित है कि स्मार्ट वर्दी का चयन करते हुए सरकारी स्कूलों के बच्चों दिए जाने वाले जूतों और बैग का डिजाइन भी तय किया जाएगा।