नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस आपदा में किसानों और बागवानों को भी बहुत नुकसान हुआ है। खड़ी फसलें खेतों में बर्बाद हो गईं। जो बची रह गईं, वे सड़कें खराब होने की वजह से मंडियों में नहीं पहुंच पास रही हैं, जिसकी वजह से किसानों और बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समय मंडियों में आने वाले सेब की ‘सेल्फ लाइफ’ अपेक्षाकृत कम होती है। सड़कें न खुलने से इनके भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए सरकार जल्दी से जल्दी सड़कों को सही करवाकर यातायात बहाल करवाए, जिससे बागवानों और किसानों के उत्पाद आसानी से मंडियों में पहुंच सके और उत्पादक को आय हो। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा के दस दिन बाद भी बहुत सी जगहों पर अभी भी कोई सरकारी सहायता नहीं पहुंची हैं। बिजली पानी और नेटवर्क की सुविधाएं बहाल नहीं हो पाई हैं।
आपदा में एकजुट होकर काम नहीं कर रही सरकार : रणधीर
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा है कि राहत मैनुअल में समय सीमा भी गलत है। 7 जुलाई से 15 जुलाई कम समय सीमा है। मैनुअल में कई विषय छूट गए हैं, जैसे पूरे घर ही बह गए तो उनको कितना पैसा मिलेगा। शर्मा ने कहा कि अभी भी बारिश जारी है और लोगों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। हिमाचल प्रदेश में तो बारिश रुकने के बाद भी काफी नुकसान झेलना पड़ता है। इस आपदा की घड़ी में कांग्रेस सरकार को जिस प्रकार से सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर काम करना चाहिए था, उसमें सरकार नाकाम रही है। अभी तक सरकार ने हिमाचल की ऑल पार्टी मीटिंग कॉल नहीं की है, जिससे अनेक सुझाव सरकार को आ सकें। भाजपा का आरोप है कि ऐसी त्रासदी के समय भी सरकार एकजुट होकर काम नहीं कर रही। इतनी बड़ी आपदा में मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा बड़ा हेलिकाप्टर लेकर उसमें अपने कुछ चुनिंदा मित्रों को बैठाकर अलग से कर रहे हैं। जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री अपने हिसाब से अलग से दौरा कर रहे हैं और प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह अपने बेटे लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ अलग से प्रभावित क्षेत्रों का प्रवास कर रही हैं।