प्रदेश सरकार ने सभी सचिवों के माध्यम से विभागों से चार-चार उपलब्धियां शासन का भेजने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से लेकर सचिवों की कार्यप्रणाली को विभागों में हुए कार्यों से आंकी जाएगी। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की ओर से इस संबंध में सभी विभागों को पत्र लिखकर डेढ़ साल में चार बड़ी उपलब्धियों का रिकॉर्ड भेजने के निर्देश दे दिए हैं। इनके आने के बाद मुख्य सचिव यह सूचना आगे मुख्यमंत्री को देंगे जिसके बाद अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
दरअसल, पिछले डेढ़ साल में प्रदेश सरकार ने अनेकों योजनाओं की घोषणा की और अफसरों ने उन्हें लागू भी कर दिया। लेकिन कुछ अधिकारियों और विभागों की कार्यप्रणाली ऐसी रही कि अच्छी योजनाएं भी खास सफल होती नहीं दिख रहीं। अफसरों के उदासीन रवैये को देखते हुए अब शासन ने सख्ती शुरू की है। इसके तहत मुख्य सचिव अब उपलब्धियाें को विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के विजन डॉक्यूमेंट में शामिल रहे वायदों से मिलान कर देखेंगे।
यह भी देखा जाएगा कि विभागीय स्तर पर इन वायदों पर क्या कार्य किए गए हैं और कितने ऐसे वायदे थे जो पूरे हो चुके हैं। वहीं, कितने ऐसे हैं जिन पर अभी तक काम ही शुरू नहीं हुआ है, इसका भी आंकलन किया जा रहा है। खास बात यह है कि उपलब्धियों में योजनाओं के नतीजों की भी जानकारी देनी होगी।