अब 9 मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2018-19 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चीनी खरीद पर जयराम सरकार ने बड़ा फैसला लिया।
हरियाणा से चीनी खरीद के निर्णय के बाद हिमाचल में रोहतक, करनाल, कैथल के अलावा दो अन्य जगह की चीनी मिलों से चीनी सप्लाई होगी। हालांकि इस खरीद का तात्कालिक तौर पर आम कार्ड धारक को फायदा नहीं
होगा, लेकिन भविष्य में सस्ती चीनी खरीदने से हो रहे मुनाफे का असर चीनी के दामों पर पड़ सकता है। नई व्यवस्था के तहत अब एडवांस भुगतान के जरिये हर महीने की 15 तारीख तक चीनी की सप्लाई प्रदेश को होगी।
सरकार का अनुमान है कि वह हर महीने करीब चालीस हजार कुंतल चीनी की खरीद करेगी। अभी तक चीनी की खरीद खुले मार्केट से टेंडर के जरिये होती थी। सरकार का दावा है कि नई प्रक्रिया से सरकार को करीब 43 लाख रुपये प्रति माह बचत होगी।
चीनी खरीद से पहले सरकार ने राशन दुकानों पर बिकने वाली दाल की खरीद की भी प्रक्रिया में बदलाव किया था। इसके तहत खुले बाजार के बजाय सरकार ने भारत सरकार के उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण
मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी समिति से खरीदने का फैसला लिया था। उस फैसले से भी सरकार को करीब 2.63 करोड़ रुपये की बचत होने का दावा किया था।