पंचायत, नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों में जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना स्पष्ट जनादेश दिया। जनादेश को स्वीकार करने की जगह सरकार ने विजयी जनप्रतिनिधियों को परेशान करने का रास्ता चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक होशियार सिंह, केएल ठाकुर, राजेंद्र राणा, देवेंद्र भुट्टों और विधायक इंद्रदत्त लखनपाल सहित अनेक भाजपा नेताओं और उनके परिवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं या जांच एजेंसियों का दबाव बनाया गया। पंचायत प्रतिनिधियों को भी विभिन्न प्रकार के नोटिस देकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। पुलिस विभाग की महिला कर्मचारी को भी न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। डीजीपी और पूर्व एसपी की लड़ाई जगजाहिर है।