जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर में पदयात्रा जरूर होगी। यह कितने किलोमीटर की होगी, सुरक्षा की दृष्टि से इसको लेकर बातचीत चल रही है। इंदौरा के काठगढ़ में प्रेस वार्ता में जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी तीन मुद्दे बार-बार उठा रहे हैं।
भारत जोड़ो यात्रा के समन्वयक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में यात्रा के दौरान विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। 30 जनवरी को इसका समापन होगा। जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर में पदयात्रा जरूर होगी। यह कितने किलोमीटर की होगी, सुरक्षा की दृष्टि से इसको लेकर बातचीत चल रही है। इंदौरा के काठगढ़ में प्रेस वार्ता में जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी तीन मुद्दे बार-बार उठा रहे हैं। मोदी सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक विषमताएं बढ़ रही हैं। मोदी सरकार की नीयत और आरएसएस-भाजपा की रणनीति के कारण सामाजिक ध्रुवीकरण बढ़ रहा है। राजनीतिक तानाशाही हकीकत बन गई है। इस कारण संविधान को नजरअंदाज किया जा रहा है। सांविधानिक संस्थाओं पर हमला कर उन्हें कमजोर किया जा रहा है।
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कहा कि भारत जोड़ो यात्रा का चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। यह चुनाव जीतो यात्रा नहीं है। आरएसएस की विचारधारा से मुकाबला करने के लिए यह यात्रा बहुत महत्व रखती है। यह मन की बात की यात्रा नहीं, जनता की चिंता की यात्रा है। राहुल किसान, महिला, श्रमिक, दलित आदिवासी सहित समाज के हर वर्ग के साथ बातचीत कर रहे हैं। कहा कि राहुल गांधी ने यात्रा के दौरान कहा कि नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने वाला हूं, मगर उन्हें लगा एक दुकान उस नफरत को मिटाने के लिए अपर्याप्त है। इसलिए अब वह कहते हैं नफरत के बाजार में मोहब्बत का मॉल खोलूंगा।
कांग्रेस 26 से शुरू करेगी हाथ से हाथ जोड़ो अभियान
जयराम रमेश ने कहा कि 26 जनवरी से 26 मार्च तक कांग्रेस हाथ से हाथ जोड़ो अभियान चलाएगी। कांग्रेस कार्यकर्ता करीब छह लाख गांवों और करीब दस लाख मतदान केंद्रों में पहुंचकर भारत जोड़ो यात्रा का संदेश पहुंचाएंगे। मोदी सरकार की विफलताओं की एक चार्जशीट कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर बांटी जाएगी। भारत जोड़ो यात्रा के लोगो में कोई चुनाव चिह्न नहीं है। हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा में कांग्रेस का चुनाव चिह्न है। भारत जोड़ो विचारधारा के आधार पर शुरू की गई थी। हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा चुनावी राजनीति के संदर्भ में शुरू किया जा रही है।