हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के सुलह से पूर्व विधायक जगजीवन पाल और आनी से परसराम की कांग्रेस में वापसी हो गई है। पार्टी हाईकमान ने लोकसभा चुनाव व विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए इन दोनों नेताओं के निलंबन को रद्द कर दिया है। इन दोनों नेताओं ने वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इसके चलते इन्हें छह साल के लिए पार्टी से निकाला गया था। अब बदली परिस्थितियों के बीच कांग्रेस ने सरकार की मजबूती के लिए इन दोनों को पार्टी में वापस ले लिया है।
इस बाबत शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ल की ओर से पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को पत्र लिखा गया है। दोनों नेताओं की पार्टी में वापसी का फैसला बीते दिनों चंडीगढ़ में हुई राज्य अनुशासन समिति के अध्यक्ष की सिफारिशों पर लिया गया है। उधर, कांग्रेस से बगावत कर विधानसभा चुनाव के दौरान निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अन्य नेताओं की वापसी पर भी विचार शुरू हो गया है। इनमें विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, पूर्व विधायक सुभाष मंगलेट शामिल हैं।