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Himachal: जगत नेगी बोले- बागवानों के हितों से कोई समझौता नहीं, एमआईएस को और मजबूत करेगी सरकार

Thu, 06 Aug 2026 08:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ संयुक्त किसान मंच हिमाचल प्रदेश एवं फल, सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ के प्रतिनिधियों की बैठक में बागवानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। 
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बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ संयुक्त किसान मंच हिमाचल प्रदेश एवं फल, सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ के प्रतिनिधियों की बैठक में बागवानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) को और अधिक प्रभावी बनाने, लंबित सब्सिडी जारी करने तथा बागवानों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2025 में एमआईएस के तहत खरीदे गए सेब के संबंध में बागवानों को जारी किए जा रहे नोटिस तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की। साथ ही पिछले वर्ष संचालित 283 कलेक्शन सेंटरों की संख्या घटाकर 134 किए जाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर अधिक से अधिक सेंटर संचालित करने का आग्रह किया, ताकि दूर-दराज़ क्षेत्रों के बागवानों को सुविधा मिल सके। प्रतिनिधियों ने एमआईएस के तहत भुगतान की वर्तमान सीमा 100 बोरियों से बढ़ाकर 300 बोरियां करने की भी मांग उठाई।

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बैठक में एंटी-हेल नेट की कई वर्षों से लंबित सब्सिडी के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बागवानी विभाग के प्लांट प्रोटेक्शन (पीपी) केंद्रों के माध्यम से सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जाने वाली दवाइयों एवं अन्य कृषि सामग्री की नियमित आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उन्होंने लंबित सब्सिडी शीघ्र जारी करने और पीपी केंद्रों पर आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि इस वर्ष कम फसल, ओलावृष्टि तथा अल्टरनेरिया मार्सोनिना (पतझड़ रोग) से बागवान पहले ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में एमआईएस को कमजोर करने के बजाय इसे और अधिक किसान हितैषी बनाया जाना चाहिए।
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केंद्र सरकार द्वारा पारंपरिक एमआईएस व्यवस्था को प्रधानमंत्री आशा योजना में समाहित किए जाने के बाद उत्पन्न परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई और प्रदेश सरकार से बागवानों के हितों की प्रभावी पैरवी करने का आग्रह किया गया। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार बागवानों के हितों की पूरी रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि एमआईएस को पूर्ववत जारी रखा जाएगा तथा इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही एंटी-हेल नेट की लंबित सब्सिडी, पीपी केंद्रों के माध्यम से दवाइयों की उपलब्धता और अन्य लंबित मामलों पर मुख्यमंत्री से चर्चा कर शीघ्र राहत प्रदान करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
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