पारंपरिक वाद्ययंत्र, बैंडबाजा और डीजे पर भजनों की मनमोहक धुन के बीच नाहन शहर में भगवान भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकली। शहर की सड़क में जहां से भी अधिष्ठाता जगन्नाथ निकले, वहां पुष्प वर्षा की गई। इस एतिहासिक पहल के गवाह हजारों लोग बने। श्रद्धालुओं की भीड़ इस अलौकिक दृश्य को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद करते हुए देखे गए। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र का भव्य मिलन देख लोग भावविभोर हो उठे।
नाहन में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम के साथ निकली। रथयात्रा से पूर्व जगन्नाथ मंदिर में श्री विग्रहों की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवन पालकी में सवार होकर चौगान की ओर चल दिए। अधिष्ठाता की पालकी यात्रा दिल्ली गेट, महिमा लाइब्रेरी तथा नया बाजार होते हुए चौगान मैदान पहुंची। यहां भगवान जग्गनाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र बारी-बारी विशाल रथ में विराजमान हुए। श्रीविग्रहों को रथ पर आरुढ़ करके 56 भोग अर्पित कर जगन्नाथ की आरती हुई।
जयकारे लगाते हुए लोगों ने खींचा रस्सा
करीब 12:20 बजे चौगान मैदान से भव्य रथयात्रा का आगाज हुआ। जयकारे लगाते हुए लोगों ने रथ का रस्सा खींचा। नंगे पांव पुण्य कमाने को हजारों की भीड़ उमड़ी। रथयात्रा चौगान मैदान से माल रोड, गुन्नूघाट, पक्का तालाब तथा कच्चा तालाब होते हुए शाम को रघुनाथ मंदिर पहुंची।
चौगान मैदान से सैकड़ों महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं की जयघोष के साथ रथयात्रा को रवाना किया गया। रथयात्रा में नेताओं, अधिकारियों सहित बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने रथ का रस्सा खींचकर पुण्य कमाया।
जगन्नाथ रथयात्रा मंडल के अध्यक्ष प्रकाश बंसल ने शहर वासियों को भगवान भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा में शामिल होने की शुभकामनाएं दीं। साथ ही सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं एवं यात्रा कमेटी के सदस्यों एवं पदाधिकारियों का आभार जताया।
शहर में रही कड़ी सुरक्षा
रथयात्रा के दौरान नाहन शहर में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था रही। एसएचओ तिलकरराज की अगुवाई में पुलिस कर्मचारियों ने ट्रैफिक नियंत्रण में अहम भूमि निभाई। रथयात्रा के दौरान जगह-जगह पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। हालांकि, रथयात्रा के दौरान कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।