राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में भी बहुमंजिला भवन बनाए गए हैं। इसके लिए सरकार के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है कि ऐसे भवनों का निर्माण करते समय भौगोलिकता और पारिस्थितिकी का ठीक से ध्यान रखा गया कि नहीं। कई लोग रिहायशी मकानों को भी बहुमंजिला बना रहे हैं। इन्हें पांच से छह मंजिल तक चढ़ाया जा रहा है। भविष्य में पिछले वर्ष की आपदा जैसी स्थिति आने पर हादसे न हाें, इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को कानून में और सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसी दृष्टि से अब यह नया विधेयक लाया जा रहा है। यह विधेयक सोमवार को सदन में पेश किया जाएगा, जबकि आगामी दिनों में इसे पारित करने का प्रस्ताव किया जा सकता है। इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष चर्चा भी कर सकते हैं।
दल बदलुओं पर सख्ती के लिए विधेयक ला रही सरकार
प्रदेश सरकार दल बदलुओं पर सख्ती के लिए एक विधेयक लाने जा रही है। इसे सदन में पारित करने का प्रस्ताव किया जाएगा। यह विधेयक भी इसी मानसून सत्र में लाने की तैयारी है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की ओर से दल बदलने के बाद जिस तरह से सियासी उठापटक चली और सरकार को संकट से जूझना पड़ा, उसके बाद राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसमें दल बदलने के बाद अयोग्य घोषित होने वाले पूर्व विधायकों के कई लाभों को रोकने की तैयारी है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दल-बदल कानून को बढ़ावा नहीं मिले, इसके लिए बिल लाया जा रहा है।