हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) द्वारा प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्सों में मौजूदा सत्र के लिए बिना प्रवेश परीक्षा दाखिले देने को मनमाना व गैरकानूनी ठहराया है। हालांकि, छात्रों के भविष्य को देखते हुए दाखिलों को रद्द करने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने एचपीयू को आदेश दिए कि एक सप्ताह के भीतर पूरा मामला कार्यकारिणी परिषद (ईसी) के समक्ष रखे। ईसी 3 सप्ताह के भीतर उचित फैसला ले। यह निर्णय चाहे दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का हो या भविष्य में कोरोना महामारी जैसे हालातों को देखते हुए दाखिलों के तौर-तरीकों से जुड़ा हो। यही नहीं, कोर्ट ने यह सारा मामला एक सप्ताह के भीतर यूजीसी के समक्ष भी रखने के आदेश दिए हैं।