जयराम सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि धारा 118 के सरलीकरण का मामला विचाराधीन है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के धारा 118 के सरलीकरण के बयान पर विपक्ष ने 6 मार्च को सदन में जमकर हंगामा किया था।
सरकार ने लिखित जवाब में अवगत करवाया कि भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 में अब तक पांच बार वर्ष 1976, 1987-88, 1994-95, 1996-97 और 2005-06 में संशोधन किया गया है।
बीते तीन वर्ष में वीरभद्र सरकार ने बड़ी संख्या में धारा 118 के तहत गैर हिमाचलियों को अनुमतियां प्रदान कीं। आवासीय भवन बनाने के लिए 460 लोगों को भूमि खरीदने की अनुमति दी
जबकि व्यावसायिक और अन्य गतिविधियों में 413 अनुमतियां कंपनियों और संस्थानों को दी गई हैं। सरकार ने जानकारी दी है कि उल्लंघन के 124 मामलों की विभिन्न स्तरों पर सुनवाई हो रही है।
इन क्षेत्रों में दीं अनुमतियां
औद्योगिक - 187
पर्यटन - 53
हाइड्रो - 12
हाउसिंग - 23
शैक्षणिक संस्थान - 57
व्यावसायिक - 25
बागवानी - 7
अस्पताल - 5
रिहायशी भवन - 460
धारा 118 उल्लंघन के किस जिले में कितने मामले
सोलन - 61
कांगड़ा - 19
सिरमौर - 14
शिमला - 8
ऊना - 7
चंबा - 6
कुल्लू - 3
मंडी - 5