कंडा जेल से फरार होने के बाद भूखे-प्यासे तीनों कैदी जंगल से होते हुए जुब्बड़हट्टी पहुंचे। यहां तीनों ने खाना खाने के लिए झूठी कहानी रच ली। एक महिला के घर पहुंचकर तीनों ने कहा कि वे मजदूरी करने नेपाल से शिमला आए थे।
लेकिन यहां अज्ञात लोगों ने उनके पैसे लूट लिए हैं। अब उनके पास खाने-पीने तक के पैसे नहीं हैं। महिला ने तीनों को मजदूर समझकर खाना खिलाया। बाद में घर के पुराने जूते भी इन्हें दे दिए। तीनों ज्यादा देर गांव में नहीं टिके और जंगल के रास्ते होते हुए हरिपुर इलाके में पहुंचे।
यहां वीरवार शाम तीनों 12 किलोमीटर दूर सुबाथू जाने के लिए बस का इंतजार करने लगे। बस कब आएगी, इसका पता करने के लिए एक दुकानदार के पास गया। पता चला कि शाम छह बजे बस आएगी।
इसी बीच दुकानदार को इन पर शक हो गया। दुकानदार ने इनसे ही पूछ लिया कि कहीं तुम वही तो नहीं जो जेल से फरार हो गए हैं। इस पर लीलाधर और प्रताप तो चुप रहे लेकिन प्रेम बहादुर ने डर से कबूल कर लिया।
जंगल में की पिटाई, फिर अलग हो गए
दुकानदार को यह बात बताते ही तीनों जंगल की ओर फरार हो गए। कुछ दूरी पर तीनों फिर इकट्ठा हुए। यहां लीलाधर और प्रताप ने प्रेम बहादुर से हाथापाई कर दी। कहा कि तुम क्यों लोगों के पास सच्चाई बता रहे हो।
दोनों ने प्रेम बहादुर को जान से मारने की भी धमकी दी। इसके बाद ये दोनों प्रेम बहादुर से अलग हो गए। वहीं, दुकानदार ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दे दी। पुलिस ने घेरेबंदी शुरू की।
प्रेम बहादुर सड़क पर पहुंचकर गाड़ियों को हाथ देकर लिफ्ट का इशारा कर रहा था। इसी दौरान पकड़ा गया। बाद में इससे पूछताछ के बाद बाकी दो भी पकड़े गए।
तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे
बालूगंज पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को सीजेएम टू के विकासनगर स्थित आवास पर पेश किया। यहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड दी गई। पुलिस अब इन्हें 11 दिसंबर को फिर कोर्ट में पेश करेगी।
पुलिस अब इनसे उस ब्लेड की बरामदगी के लिए पूछताछ करेगी जिससे इन्होंने सलाखें काटी थीं। ब्लेड इन तक कैसे पहुंचा, किसने मदद की, कब से ये भागने की योजना बना रहे थे। इन सबको लेकर इनसे पूछताछ होनी है।
अभी तक आरोपी बार-बार बयान बदल रहे हैं। कभी ब्लेड टॉयलेट में छिपाने तो कभी जंगल में फेंकने की बात कह रहे हैं। एसपी सौम्या सांबशिवान का कहना है कि तीनों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड मिली है। इनसे पूछताछ की जा रही है।