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निर्मला! ये लोग अब हमें जिंदा नहीं छोड़ेंगे, ये थे हेमराज के आखिरी शब्द

Wed, 21 Mar 2018 01:46 PM IST
कमलेश रत्न भारद्वाज/बलविंद्र सोढी, अमर उजाला, मंडी/सुंदरनगर
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इकलौते बेटे की मौत से सुंदरनगर के बायला के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हेमराज 31 जुलाई 2013 को इराक गया था। 14 जून 2014 को आखिरी बार पत्नी निर्मला से हेमराज की बात हुई थी। अंतिम बार उसने पत्नी से कहा था कि बम ब्लास्ट में चोट लगी है और अभी एक ट्रक में आईएसआईएस के आतंकी उन्हें बंधक बनाकर कहीं ले जा रहे हैं।

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शायद अब ये लोग हमें जिंदा नहीं छोड़ेंगे। बुजुर्ग माता पिता को इस आघात ने तोड़कर रख दिया है।  पत्नी निर्मला का रो-रोकर बुरा हाल है। गमगीन माहौल में पिता बेली राम, मां रोशनी और पत्नी निर्मला की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। सात वर्षीय बेटे ध्रुव और बेटी अनन्या को इस बात का इल्म तक नहीं है कि अब उनके पापा कभी नहीं लौटेंगे।

हेमराज पहली बार विदेश गया था। घटना की सूचना मिलते ही विधायक राकेश जम्वाल हेमराज के घर पहुंचे। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर से भी परिजनों की बात करवाई।  सीएम ने हेमराज के चाचा शेर सिंह से कहा कि सरकार परिवार की हर संभव सहायता करेगी।  

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नीचे पशु, ऊपरी मंजिल में रहता है परिवार

हेमराज के पिता बेली राम और माता रोशनी देवी दूध बेचकर आठ वर्षीय पोते ध्रुव को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।

दशकों पुराने स्लेटपोश मकान की ऊपरी मंजिल पर परिवार के सदस्य रहते हैं और पशुओं को नीचे की मंजिल में बांधते हैं। वहीं, खेतीबाड़ी भी महज नाम की है।

आईआरडीपी से भी कट गया नाम 
हेमराज अपने परिवार को गरीबी से उभारने के लिए विदेश गया था। जब वह विदेश गया तो परिवार आईआरडीपी में था। कुछ माह तक जब विदेश से हेमराज पैसा भेजता रहा तो परिवार का आईआरडीपी से नाम कट गया।

जून 2014 में हेमराज के लापता होने की सूचना मिली तो परिवार की हालत बदतर होने लगी। आज न तो परिवार आईआरडीपी में है, न ही आय का मजबूत साधन है। 

सांसद अनुराग ने उठाया था मामला 
सितंबर 2016 में परिवार से मिली जानकारी के बाद सांसद अनुराग ठाकुर ने विदेश मंत्रालय में हिमाचल से चार लोगों के इराक में लापता होने का मामला उठाया था। तब परिवार को आस जगी थी कि जल्द ही हेमराज का पता चल जाएगा। 
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