अध्ययन में पता चला है कि बच्चे पर्याप्त मात्रा में आयोडीन युक्त नमक का सेवन कर रहे हैं, लेकिन नमक के रखरखाव की कमी के चलते नमक में मौजूद आयोडीन बच्चों को नहीं मिल पा रहा। घरों में जिन डिब्बों में नमक रखा जाता है, उनका ढक्कन ढीला होने से नमक का आयोडीन उड़ जाता है।
आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में 6 से 15 साल के बच्चों में आयोडीन (पोषक तत्व) की कमी पाई जा रही है। हिमाचल प्रदेश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा के विशेषज्ञों के एक दल की ओर से किए गए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। अध्ययन में पता चला है कि बच्चे पर्याप्त मात्रा में आयोडीन युक्त नमक का सेवन कर रहे हैं, लेकिन नमक के रखरखाव की कमी के चलते नमक में मौजूद आयोडीन बच्चों को नहीं मिल पा रहा। घरों में जिन डिब्बों में नमक रखा जाता है, उनका ढक्कन ढीला होने से नमक का आयोडीन उड़ जाता है।
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पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पहली ही यहां आयोडीन की पूरी खुराक नहीं मिल पाती है। अध्ययन करने वाली टीम में शामिल डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा के कम्युनिटी मेडिसिन के मुखिया व प्रो. सुनील कुमार रैना के अलावा इसी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर दिनेश कुमार, रमन चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर प्रवीर कुमार, लेक्चरर स्टैटिक्स सुशांत शर्मा और मॉडल रूरल हेल्थ रिसर्च यूनिट ऊना के हेल्थ रिसर्च विभाग के वैज्ञानिक चिराग गोयल शामिल हैं।
कांगड़ा और आसपास के स्कूलों में जाने वाले 227 बच्चों पर यह अध्ययन किया गया, जिसमें उनके सामाजिक जनसांख्यिकी, खानपान, नमक सेवन और यूरिनरी आयोडीन कंसंट्रेशन (यूआईसी) का आकलन किया गया। प्रोफेसर सुनील कुमार रैना ने बताया कि चूंकि लोग आयोडीन युक्त नमक तो खरीदते हैं, लेकिन आमतौर पर उन्हें स्टोर करते समय डिब्बे का ढक्कन अच्छी तरह से बंद नहीं करते। इस वजह से धीरे-धीरे नमक का आयोडीन उड़ जाता है और आयोडीन युक्त नमक खाने के बावजूद बच्चों में इसकी कमी पाई जाती है। बताया कि आयोडीन की कमी का असर बच्चों के विकास पर पड़ता है। इसमें लंबाई पर असर के अलावा घेंघा जैसी बीमारी से भी बच्चे ग्रस्त हो सकते हैं।
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मिलावटी नमक भी बढ़ा रहा मुश्किलें
हिमाचल प्रदेश में एक ओर नमक के डिब्बों का ढक्कन ढीला होने से बच्चों में आयोडीन पाने की परेशानी सामने आ रही है तो दूसरी ओर मिलावटी नमक भी मुश्किलें बढ़ा रहा है। नमक बेचने वाली एक नामी कंपनी ने हाल ही में मिलावटी नमक बेचने की शिकायत की थी। कहा गया कि कंपनी के नाम पर खराब गुणवत्ता वाला नमक बेचा जा रहा है। इस मामले की जांच भी शुरू हो गई है। वहीं, आयोडीन की कमी दूर करने के लिए ही राशन की दुकानों पर भी आयोडीन युक्त सस्ता नमक बेचने की कवायद प्रदेश सरकार ने शुरू की थी। हालांकि उस नमक की भी गुणवत्ता पर सवाल उठ चुके हैं। जाहिर है कि नमक की गुणवत्ता और उसके रखरखाव पर ध्यान देने पर ही आयोडीन की कमी की समस्या से निजात मिलना संभव होगा।