प्रदेश में सड़कों की खस्ताहालत इन्वेस्टर मीट पर बुरा प्रभाव छोड़ सकती है। धर्मशाला में इन्वेस्टर मीट की तैयारियां जोरों शोर से चल रही हैं। उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों की खातिरदारी पर सरकार को कसर नहीं छोड़ना चाहेगी, लेकिन नेशनल हाइवे समेत अन्य ज्यादातर सड़कों की हालत दयनीय है। जरूरी नहीं कि सभी उद्यमियों को सरकार हेलीकॉप्टर से ही धर्मशाला लाया जाए।
पड़ोसी राज्यों के उद्योगपति अपने वाहन में भी नेशनल हाईवे से होते हुए धर्मशाला पहुंच सकते हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। खासकर गगल एयरपोर्ट से धर्मशाला सड़क और धर्मशाला के आसपास की सड़कों को ठीक करने को कहा था। इन सड़कों को सुधारा गया है लेकिन इसके बाहर निकले तो गड्ढों के कारण लोग हिचकोले खाने पड़ रहे हैं।
धर्मशाला-पठानकोट वाया चड़ी सड़क की हालात अभी तक खस्ता बने हुए हैं। हैरानी इस बात की है कि यह सड़क मार्ग बाईपास से जुड़ कर मैक्लोडगंज पहुंचता है। इसी तरह शिमला - धर्मशाला नेशनल हाइवे, मनाली - पठानकोट, चंडीगढ़ - कांगड़ा. बिलासपुर एनएच की हालात दयनीय है। इस सड़क मार्ग पर जगह जगह गड्ढे पड़े है।
रामशिला से औट तक हाईवे खस्ताहाल
प्रदेश में निवेश बढ़ाने को लेकर होने वाली इन्वेस्टर मीट को लेकर प्रदेश सरकार ने खूब तैयारियां की हैं। लेकिन प्रदेश के नेशनल हाईवे की हालात क्या है, यह किसी से छुपा नहीं है। इन्वेस्टर मीट में कुल्लू-मनाली से भी निवेशकों के आने की भी संभावना है। ऐसे में मनाली-चंडीगढ़ हाईवे की हालत की हालत भी कुछ ठीक नहीं है। कुल्लू से मनाली तक का सफर अब सुहाना हो गया और डेढ़ घंटे के सफर को पूरा करने में अब मात्र 40 से 45 मिनट का समय लगता है।
कुल्लू के रामशिला से लेकर औट तक एनएच-तीन पर सफर करना जोखिम भरा है। हालांकि कई जगहों पर फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा और पूरा फोरलेन ऊबड़-खाबड़ है। यहां गाड़ियां हिचकोले खाकर आगे बढ़ती हैं। लेकिन भुंतर से बजौरा तक हाईवे से टारिंग उखड़ चुकी है। दशहरा के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 2021 तक सुंदरनगर से मनाली तक फोरलेन को पूरा कर आवाजाही आरंभ करने की बात कही थी।