प्रदेश सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। यह टीम शुक्रवार को चंबा भेज दी गई है। सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज में हुए खरीद-फरोख्त मामले में ऑडिट कमेटी को भेजा था।
इस कमेटी ने पाया कि खरीद-फरोख्त में वित्तीय अनियमितताएं बरती गई हैं। कमेटी की रिपोर्ट के बाद सरकार ने मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रधानाचार्य डा. अनिल ओहरी को सस्पेंड किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की अगुवाई में इस मेडिकल कॉलेज में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक यह कॉलेज पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खुला था। वर्ष 2017 में यहां 100 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं का पहला बैच बैठा था। इस साल यहां एमबीबीएस का दूसरा बैच बैठा है।
जून, 2018 में हुआ था कॉलेज का ऑडिट
सरकार ने जून 2018 में इस मेडिकल कॉलेज का ऑडिट करवाया था। टीम ने जांच का रिकॉर्ड सील कर अलमारी में बंद कर दिया। अब फैक्ट फाइडिंग कमेटी इसकी जांच करेगी।
वित्तीय अनियमितताओं के चलते चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए फैक्ट फाइडिंग कमेटी गठित की है। इस टीम को चंबा भेजा है। प्रधानाचार्य को हटा दिया गया है। उनका शिमला हेडक्वार्टर फिक्स किया है। मेडिकल कॉलेज में दूसरे प्रधानाचार्य की तैनाती की गई है।
- विपिन परमार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री