प्रदेश में पुलिस महानिदेशक लगाने के लिए प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही है। गृह और विधि विभाग मिलकर इस संबंध में जवाब तैयार कर रहे हैं। इसे गृह मंत्री के नाते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अनुमोदित कराने के बाद सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने हिसाब से ही डीजीपी की नियुक्ति करने के लिए यह कदम उठाने जा रही है। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किए थे कि डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी को तीन नामों का पैनल भेजना जरूरी होगा।
इसके अलावा इसी तरह के कई अन्य दिशा-निर्देश दिए थे, जिनसे प्रदेश सरकारों की डीजीपी की नियुक्ति में मनमानी रुक जाती। चूंकि, हिमाचल में डीजीपी की नियुक्ति और उसके कार्यकाल के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस एक्ट में पहले से ही प्रावधान है और सरकार उसी एक्ट के अनुसार डीजीपी की नियुक्ति करती है।
ऐसे में वह एक समय में दो दो प्रावधानों को लागू नहीं कर सकती। यही कारण है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट कोे अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही है। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग ने इस संबंध में फाइल विधि विभाग को भेज दी है।
अब विधि विभाग उस पर जवाब तैयार कर एक बार मुख्यमंत्री से मंत्रणा के बाद उसे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगा। सूत्रों की मानें तो सरकार के इस कदम के बाद एक बार फिर पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है।