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Shimla News: भट्ठाकुफर में धंस रही जमीन की जांच पूरी, सरकार को सौंपी रिपोर्ट

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सचिवालय पहुंची जांच रिपोर्ट, अब टनल निर्माण को लेकर सड़क की मरम्मत तक पर सरकार ही लेगी फैसला
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जांच रिपोर्ट में किया है सड़क धंसने के कारणों का जिक्र
जमीन धंसने के सर्वे के फाइल दिल्ली में अटकी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के भट्ठाकुफर में अचानक सड़क धंसने के मामले पर सरकार की ओर से बिठाई जांच पूरी हो गई है। जांच कमेटी ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है। इसकी फाइल शनिवार को सचिवालय पहुंच चुकी है। इसे देखने के बाद अब सरकार भट्ठाकुफर में टनल निर्माण पर फैसला लेगी।

धंसी हुई सड़क का हिस्सा भरने और भवनों में पड़ीं दरारों को लेकर भी सरकार के स्तर पर फैसला लिया जाएगा। बीते महीने भट्ठाकुफर में एनएच को जोड़ने वाली सड़क पर अचानक 12 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। जमीन धंसने से एचआरटीसी की स्कूल बस का टायर भी धंस गया था। इस धंसाव के बाद क्षेत्र के लोग भड़क गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र के ठीक 33 मीटर नीचे बन रही फोरलेन टनल के कारण यहां जमीन धंस रही है। लोगों के विरोध के बाद टनल निर्माण बंद करवाना पड़ा था। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में एनएच के अधीक्षण अभियंता और एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी शामिल थे। इस कमेटी ने मौके का निरीक्षण कर इस क्षेत्र में हो रहे धंसाव के तकनीकी कारणों का पता लगाया है। अब इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।
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भट्ठाकुफर में आखिर किस कारण जमीन धंस रही है, इसकी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट दिल्ली में अटक गई है। रिपोर्ट न मिलने से जिला प्रशासन अब न तो भट्ठाकुफर में सड़क पर हुआ गड्ढा भर पा रहा है और न ही फोरलेन टनल के निर्माण की मंजूरी दे पाया है। रिपोर्ट के लिए प्रशासन ने जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के मुख्यालय को पत्र भेजा है। इसमें जल्द ही मौके पर किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट मांगी है। हाल ही में जीएसआई की दो सदस्यीय टीम ने भट्ठाकुफर में सर्वेक्षण किया है। इस क्षेत्र में किस कारण जमीन धंस रही है, इसका पूरा जायजा लिया है। इसकी रिपोर्ट स्पष्ट करेगी कि आखिर जमीन धंसने का कारण टनल निर्माण है या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर यहां फोरलेन टनल के निर्माण पर भी फैसला लिया जाना है। यह काम अभी बंद किया है। केंद्रीय टीम ने शुक्रवार तक यह रिपोर्ट देनी थी लेकिन इसमें देरी हो गई। अब प्रशासन ने पत्र लिखकर रिपोर्ट देने को कहा है।
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लोग बोले, पहले जिम्मेदारी लो, फिर शुरू होगा काम भट्ठाकुफर क्षेत्र में कई भवनों में भी दरारें पड़ गईं हैं। लोगों का कहना है कि टनल निर्माण के कारण यह सब हो रहा है। भट्ठाकुफर पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि पहले प्रशासन या फोरलेन कंपनी भवनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें, इसके बाद ही मौके पर काम शुरू किया जा सकता है। लोगों की जीवन भर की कमाई पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता दिखानी चाहिए।
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