वीरभद्र समर्थकों और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बीच घमासान और तेज हो गया है। वीरभद्र के करीबी इंटक नेता हरदीप सिंह बावा ने एलान किया है कि अगर सुक्खू ने सात दिन के भीतर उनसे माफी नहीं मांगी और इंटक पर स्थिति साफ नहीं की तो वह उन पर मानहानि का केस ठोकेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सुक्खू यूं ही अपनी तानाशाही चलाते रहे तो लोकसभा चुनाव में इंटक के कार्यकर्ता कांग्रेस का साथ नहीं देंगे।
बावा ने ये बातें रविवार को प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में कहीं। बावा ने कहा कि वही इंटक के असली प्रदेशाध्यक्ष हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. जी संजीवा रेड्डी इंटक के अध्यक्ष हैं। बावा ने कांग्रेस की वेबसाइट पर डॉ. जी संजीवा रेड्डी का फोटो भी दिखाया और एक वीडियो भी पत्रकारों को दिखाया। इस वीडियो में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी रेड्डी को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष कहकर संबोधित कर रहे हैं।
26 जून 2018 को रेड्डी की ओर से जारी उस पत्र की प्रति भी दी, जिसमें बावा को ही प्रदेश इंटक का अध्यक्ष बताया गया है। बावा ने कहा कि सुक्खू ने मनोहर लाल उर्फ बबलू पंडित को इंटक अध्यक्ष बनाने की बात की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुंदरियाल के हवाले से बबलू पंडित के आदेश जारी किए हैं।
वह सुक्खू से पूछते हैं कि आखिर ये सुंदरियाल कौन हैं? बावा बोले कि डॉ. जी संजीवा रेड्डी जबसे राजनीति में हैं, तब सुक्खू पैदा भी नहीं हुए थे। उन्हें इसलिए लक्ष्य बनाया जा रहा है, क्योंकि वह वीरभद्र के समर्थक हैं। बावा ने इस बात को स्वीकार किया कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट न मिलने के कारण इंटक ने कांग्रेस का खुलकर समर्थन नहीं किया।
वह सुक्खू से पूछते हैं कि क्या वह बता सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट से कोई आदेश रेड्डी साहब को इंटक राष्ट्रीय अध्यक्ष न बनाने पर हुआ है या फिर हाईकमान ने ही ऐसा कोई फैसला लिया है?
सुक्खू इस सबको एक सप्ताह में स्पष्ट करें। वरना उनके अध्यक्ष रहते इंटक का कोई कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सहयोग नहीं करेगा। इस मौके पर इंटक प्रदेश महासचिव बीएस चौहान, इंटक नेता राहुल मेहरा समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।