सुबह जल्दी उठें। रात को देरी से सोते हों तो छह घंटे सोने के बाद उठ लें। कम से कम आधा घंटा निकाल पाएं तो बहुत अच्छा होगा। नहीं तो पंद्रह मिनट भी ठीक हैं। नींद से जागते ही कोसा पानी में नींबू का रस और कुछ नमक डालें। इस घोल को बड़ा आदमी एक लीटर और छोटा बच्चा आधा लीटर तक पीएं। फिर शौच जाएं।
शौच जाने में समस्या हो तो वस्ति क्रिया करें। इसमें पांच आसन विपरीतकरणी मुद्रा, शलभासन, त्रिकोणासन, हस्तपादासन और योग मुद्रा करें। इसके बाद स्नान कर लें। फिर सूर्य नमस्कार आसन करें। इसकी बारह मुद्राओं को दो से तीन बार दोहराएं। बाकी समय हो तो और आसन भी करें।
इसके लिए किसी योग्य प्रशिक्षक से जानकारी लें। योगासनों के बाद कपालभाति क्रिया करें। रीढ़ की हड्डी को तानकर बैठें। अब सांस को बाहर छोड़ें और पेट को अंदर करें। एक मिनट में 60 आघात दें। इसमें जोर-जबरदस्ती न करें और सामान्य रहकर ही इस क्रिया को करें। इसके बाद उद्घात, नाड़ी शोधन, उज्जयी, उद्गीत और भ्रामरी प्राणायाम करें।