कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान विश्वास जताया कि प्रदेश भर में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने के लिए राज्य सरकार जल्द कारगर कदम उठाएगी। कोर्ट ने पिछले आदेशों में शिक्षा सचिव को पूछा था कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। यदि कोई कदम उठाए गए हैं तो किस स्टेज तक पहुंचे हैं।
शिक्षा सचिव ने पिछले शपथपत्र में कहा था कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी की एक वजह अदालतों में लंबित पड़े मामलों का होना भी है। इस पर कोर्ट ने यह भी पूछा था की वह कौन-कौन से मामले हैं, जिस कारण सरकार स्कूलों में रिक्त पदों को नहीं भर पा रही है। कोर्ट ने कहा था कि वास्तविकता यह है कि शिक्षा विभाग कोर्ट के आदेशों के बावजूद शिक्षकों को समय पर नियुक्ति प्रदान नहीं करता, जिसका खामियाजा स्कूली छात्रों की भुगतना पड़ता है।