नड्डा-जयराम पर कसा तंज
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कैसे डॉक्टर हैं जो इलाज तो करते हैं लेकिन रोशनी नहीं दे सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जगत प्रकाश नड्डा ने सही समय पर जयराम ठाकुर सरकार की आंखों का इलाज किया होता तो हिमाचल प्रदेश की संपदा को लुटने से बचा सकते थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों की संपदा, किसानों व महिलाओं के हक को पूर्व भाजपा सरकार ने किस तरह लुटाया इसे प्रदेश सरकार, राज्य की जनता के सामने रखेगी। सुक्खू ने कहा कि भाजपा नेता बार-बार हिमाचल आकर कहते हैं कि अगर केंद्र पैसा न दे तो प्रदेश सरकार नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि यह केंद्र का पैसा नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का पैसा है। हिमाचल प्रदेश संघीय ढांचे का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का जो पैसा केंद्र रोककर बैठा है उसके लिए आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रदेश में 551 लोगों ने जान गंवाई और 23 हजार परिवार प्रभावित हुए लेकिन केंद्र ने कोई सहायता नहीं की। भाजपा के चारों सांसदों ने भी केंद्रीय गृह मंत्री से प्रदेश के लिए उदार वित्तीय सहायता दिलवाने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
केंद्र ने रोकी आर्थिक मदद: सीएम
उन्होंने कहा कि केंद्र की टीम ने आपदा का जायजा लेने के बाद 10 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया लेकिन डेढ़ वर्ष से केंद्र सरकार ने कोई धनराशि जारी नहीं की। यही नहीं, एनपीएस के 9000 करोड़ रुपये भी केंद्र ने रोक कर रखे हैं। ओपीएस बहाल करने के लिए 1600 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता रोक दी गई और प्रतिवर्ष मिलने वाला 3200 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा भी बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर नशे पर प्रतिदिन बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं लेकिन सत्ता में रहते हुए पांच वर्ष तक पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट लागू नहीं कर पाए। लेकिन वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से नशे में 30 प्रतिशत की कमी आई है। साथ ही नशे में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार नशे के कारोबार से बनाई गई संपत्ति को अटैच कर रही है।
पूर्व भाजपा सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा का स्तर गिरा: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की नीतियों के कारण राज्य में शिक्षा का स्तर गिरा है। वर्तमान राज्य सरकार के दो वर्षों के प्रयासों के बाद आज हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय सर्वे में एक बार फिर पहले स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार ला रही है और नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक एक ही शिक्षा निदेशालय होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही हर विधानसभा क्षेत्र के छह-छह स्कूलों में सभी विषयों के अध्यापकों की नियुक्ति सुनिश्चित कर रही है। इसके अतिरिक्त तीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल अगले शैक्षणिक सत्र से पहले बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुधार ला रही है। प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सही इलाज देने के लिए दिल्ली एम्स की तर्ज पर प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक तकनीक अपनाई जाएगी, जिसके लिए राज्य सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
राज्य सरकार ने दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पन्न गेहूं और मक्की की खरीद कर रही है। राज्य सरकार का अगला बजट ग्रामीण परिवेश पर केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रति वर्ष 18 हजार रुपये दे रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने समाज कल्याण के लिए अनेकों कदम उठाए। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि नारी शक्ति का स्वतंत्रता संग्राम में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को इंदिरा गांधी के रूप में पहली महिला प्रधानमंत्री दी, जिन्होंने महिला उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि आज का दिन नारी शक्ति के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देने का दिवस है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कानून में बदलाव कर पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण प्रदान किया। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री का शाहपुर में आने पर स्वागत किया और कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित कर रही है। पूर्व सांसद विपल्व ठाकुर ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर में प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
विकासात्मक प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया
उन्होंने कबड्डी की तीन राष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासात्मक प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। समारोह में आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, राज्य वित्त आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली, विधायक संजय रत्न, मलेंद्र राजन, आशीष बुटेल, किशोरी लाल, कमलेश ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल, हिमाचल राज्य कामगार बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष विशाल चंबियाल, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान, एपीएमसी के अध्यक्ष निशु मोंगरा, कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया, कर्ण सिंह पठानिया, देवेंद्र जग्गी, डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।