राजधानी के मालरोड पर अंतराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव में आयोजित छम्म नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोहा। इस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय निवासी शामिल हुए। उत्तराखंड के कलाकारों के ऊर्जावान प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान रंगीन पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने अपनी प्राचीन कला का प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों की थाप और मधुर संगीत ने माहौल को जीवंत बनाया। नृत्य की हर मुद्रा में कलाकारों का समर्पण दिखा। दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। कई पर्यटकों ने इस यादगार पल को अपने कैमरों में कैद किया। यह नृत्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत दर्शाता है। छम्म नृत्य एक प्राचीन बौद्ध लामा नृत्य शैली है। इसमें कलाकार विशेष मुखौटे पहनकर धार्मिक कथाएं मंचित करते हैं। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव 2026 के अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों ने जुम्बा और बॉलीवुड गानों पर प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान मालरोड पर पीएमश्री विद्यालय टुटू के बच्चों ने तेरी मिट्टी में मिल जावां..गीत पर प्रस्तुति देकर देशभक्ति का संदेश दिया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोर्टमोर सहित सात स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी जुम्बा और बॉलीवुड नृत्य से खूब तालियां बटोरीं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लक्कड़ बाजार, समरहिल, टुटू, अप्पर सनहोग, सहित कई स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां दिए। इस अवसर पर मालरोड पर स्थानीय और देश-विदेश से आए पर्यटकों की खासी भीड़ उमड़ी। इस दौरान विद्यार्थियों ने जय हो, तेरी मिट्टी और अन्य पंजाबी गानों ने लोगों से वाहवाही लूटी। इस दौरान फन कैरेक्टर्स ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इनमें किंग कॉन्ग कैरेक्टर की नकल उतारने वाला गोरिला, पोलर बीयर, गोल्डन स्टैच्यू, पांडा, टेडी बियर शामिल रहे जो मुख्य रूप से बच्चों के लिए मुख्य आकर्षण रहा। इस दौरान बच्चे और बड़े सभी इनके साथ सेल्फी लेते हुए और बच्चे खेलते हुए खूब उत्साहित नजर आए।
प्रकृति का अनोखा नजारा और रंग बिरंगे फूलों के पौधों से सजे समर फेस्टिवल ने दर्शकों का मन मोह लिया। अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल के तहत शिमला एमेच्योर गार्डन और एनवायरमेंट सोसायटी (सेंजिस) की ओर से सोमवार को मालरोड पर पुष्प प्रदर्शनी और प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रदर्शनी में चार सरकारी विभागों ने भी अपने आकर्षक स्टॉल और प्रदर्शनियां लगाई हैं। इनमें केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, बागवानी विभाग, वन विभाग और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज सहित अन्य संस्थानों की सहभागिता उल्लेखनीय रही। इस दौरान विभागों के अधिकारियों द्वारा पौधों के संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और बागवानी से जुड़ी जानकारियां भी लोगों के साथ साझा कीं। इसमें पत्तेदार पौधे, बारहमासी पौधे, कंदयुक्त फूल, कटे हुए फूल (शौकिया), कैक्टस, लटकती टोकरियां, ऑर्किड, बोनसाई, ताजा फूलों की व्यवस्था, सूखे फूलों की व्यवस्था, घर का बेना फूलदान, लघु उद्यान, टेरारियम शामिल थे। निर्णायक मंडल में उद्यान विभाग की उप निदेशक सुदर्शना नेगी, डॉ. नरेंद्र नेगी, डीएस पुरी और डॉ. अनिल ठाकुर शामिल रहे। सोसायटी की सचिव पद्मिनी परमार ने बताया कि इस वर्ष प्रदर्शनी में लगभग 100 व्यक्तिगत पुष्प प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं।
समर फेस्टिवल में पांच दिन होने वाली सांस्कृतिक संध्या और स्टार नाइट के लिए एचआरटीसी ने रात को स्पेशल बसें और टैक्सी सेवा शुरू कर दी है। सोमवार को पहली सांस्कृतिक संध्या में शाम छह बजे से लेकर कार्यक्रम समाप्त होने के बाद साढ़े दस बजे तक यह सेवा मुहैया करवाई। अंतिम सांस्कृतिक संध्या में साढ़े बारह बजे तक यह सेवा मिलेगी। निगम दस अतिरिक्त बसें और ग्यारह इनोवा टैक्सी तथा 8 टेंपो ट्रैवलर चला रहा है। क्षेत्रीय प्रबंधक अंकुर वर्मा ने यह जानकारी दी।
पुराना बस अड्डा-छोटा शिमला-संजौली-लक्कड़ बाजार-ओल्ड बस रूट पर दो बसें, पुराना बस अड्डा-लक्कड़ बाजार-संजौली-छोटा शिमला-पुराना बस अड्डा रूट पर दो बसें चलाई जा रही हैं। पुराना बस अड्डा-आईएसबीटी-पुराना बस अड्डा रूट पर दो बसें, पुराना बस अड्डा- टूटू-पुराना बस अड्डा रूट पर एक बस, पुराना बस अड्डा-मैहली-पुराना बस अड्डा रूट पर एक बस, पुराना बस अड्डा-न्यू शिमला-पुराना बस अड्डा रूट पर एक बस नियमित रूप से चक्कर लगाएगी। सीटीओ से समरहिल एक, सीटीओ से शिवनगर एक, सीटीओ से चक्कर वाया बालुगंज एक, लक्कड़ बाजार से संजौली रूट पर तीन इनोवा टैक्सी, पांच टेंपो ट्रैवलर चलाए जा रहे हैं।