हिमाचल प्रदेश की समृद्धि लोक संस्कृति का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला 22 से 27 नवंबर के बीच बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुख, सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। परंपरा के अनुसार मेले का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और समापन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल करेंगे।
मेले प्रबंधों को लेकर शुक्रवार को कुब्जा पवेलियन में बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त सुमित खिमटा ने सभी विभागों की जिम्मेदारियां सुनिश्चित करते हुए 20 नवंबर तक सभी तैयारियां और प्रबंध पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहाकि मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में स्थानीय लोक कलाकारों को अधिमान दिया जाएगा।
साथ ही प्रदेश के सभी 12 जिलों की प्रदर्शनियां भी मेले में आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उन्होंने मेले से संबंधित व्यवस्थाओं को जुटाने के लिए कमेटियों का गठन भी किया। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मेला क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 100 के करीब अतिरिक्त शौचालय स्थापित किए जाएंगे।
इस बार गिरि नदी से रवाना होगी शोभायात्रा
प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए मेले की शोभायात्रा को इस मर्तबा गिरि नदी से रवाना किया आएगा। जबकि इससे पूर्व यह शोभायात्रा स्थानीय खेल मैदान से रवाना की जाती थी। उपायुक्त ने कहा कि मेले की सभी तैयारियां आरंभ कर ली गई हैं। तमाम व्यवस्थाओं को ठेके पर दिया जा रहा है।
स्थानीय गिरि नदी पर अस्थायी पुल का निर्माण किया जाएगा। मेले के दौरान पॉलिथीन के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसको लेकर डीएफओ के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित की जाएगी जो पॉलिथीन के प्रयोग पर अपनी पूर्ण निगरानी रखेगी। मेले में बाहरी राज्यों से भी विशेष बसें चलाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने मेले की शोभा बढ़ाने के लिए सभी वर्गों के लोगों और विभागों का सहयोग मांगा।
इस मौके पर रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त एललार वर्मा, एसडीएम नाहन रजनीश कुमार, डीएफओ उर्वशी ठाकुर, डीएफओ वन्य प्राणी एन रविशंकर शर्मा, डीएसपी मुकेश डडवाल और रेणुकाजी विकास बोर्ड के कार्यवाहक सीईओ राजेंद्र ठाकुर सहित सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और रेणुकाजी विकास बोर्ड के सभी सरकारी व गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।