अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले के मद्देनजर कार्तिक शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को निकलने वाली शोभायात्रा सिरमौर राजवंश के लिए भी विशेष महत्व रखती है। राजपरिवार इस परंपरा को वर्षों से निभाता चला आ रहा है।
राजपरिवार द्वारा भगवान परशुराम की अगवानी कर उनको पंडाल तक लाने की परंपरा सदियों पुरानी है। वीरवार को सिरमौर राजवंश के मुख्य सदस्य कंवर अजय बहादुर सिंह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गिरि नदी के पावन संगम तट पर पहुंचे।
उन्होंने चांदी जड़ित भगवान परशुराम की पालकी का पूजा-अर्चना कर स्वागत किया। राज परिवार ने पारंपरिक वेशभूषा में भगवान परशुराम का स्वागत किया। इस मौके पर एमपी कंवर, बलभद्र सिंह सहित राजपरिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।