अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में छोटी काशी मंडी गुरुवार को स्वर्ग लोक जैसी दिखी। मंडी के एतिंहासिक पड्डल का नजारा देवलोक से कम नहीं दिखा। यहां शिवरात्रि महोत्सव में पधारे करीब 190 पंजीकृत देवी-देवता कायदे और कतार में अपने-अपने स्थान पर बैठ देव समगाम की शोभा बढ़ाते रहे। देव ध्वनियों से पूरा पड्डल गूंजायमान रहा और श्रद्धारस में लीन हजारों भक्त देवी- देवाओं के सामने शीश झुकाकर आर्शीवाद लेते रहे। तो वहीं पड्डल मैदान में अलौकिक देव मिलन भी देखने को मिला। देवी-देवताओं की नाचती हुई पालकियों व रथों ने एक-दूसरे के साथ मिलन किया, जिसके हजारों लोग गवाह बने। लोग अपने अपने आराध्य देवी देवताओं के पास माथा टेका और मनौतियों को चढ़ाया। पौने बारह बजे महामाया निहरी थुनाग, देव तुंगासी और देव चुंजवाला सराज घाटी के देवता अपने सैकड़ों देवलुओं सहित नाचते गाते हुए मेला स्थल पर पहुंचे।