भगवान रघुनाथ के दरबार में भरी हाजिरी, देव मिलन देख हुए भावुक
ढालपुर मैदान में भगवान रघुनाथ के पहुंचने से पहले घाटी से आए देवी-देवताओं ने रघुनाथ के दरबार रघुनाथपुर में हाजिरी भरी। अब ढालपुर में अस्थायी शिविर में विराजमान रघुनाथ का 7 दिन अलग-अलग वस्त्रों से शृंगार कर पूजा होगी। कुल्लू घाटी से आए 300 देवी-देवता भी ढालपुर मैदान में बने अस्थायी शिविरों में रहेंगे। पहले दिन देव मिलन देख लोग भी भावुक हुए। दशहरा उत्सव में करीब 60 हजार लोगों ने शिरकत की।
शृंगा ऋषि व बालू नाग का धुर विवाद दो दशक से चल रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। दशहरा उत्सव समिति ने 16 साल बाद दोनों देवताओं को उत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। दोनों देवता लाव-लश्कर के साथ दशहरा में पहुंचे हैं। परंतु दोनों देवता रथयात्रा में शामिल नहीं हुए और पहले की तरह इस बार भी अपने अस्थायी शिविरों में पुलिस के पहरे में रहे। रथयात्रा में भगवान रघुनाथ के दाईं ओर चलने को लेकर विवाद है। दोनों देवता करीब दो घंटे तक नजरबंद रहते हैं। दोनों के शिविरों के पास पुलिस का कड़ा पहरा लग गया है।