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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा: शृंगा ऋषि और बालू नाग दो घंटे तक रहे नजरबंद, जानें क्या है पूरा मामला

Mon, 14 Oct 2024 03:26 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

 300 देवी-देवताओं ने ढालपुर में डेरा डाल दिया है। इस बीच भगवान रघुनाथ के जयकारों से घाटी गूंज उठी। ढालपुर रथ मैदान में भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। 
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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा के साथ रविवार को देव महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन ढालपुर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 300 देवी-देवताओं ने ढालपुर में डेरा डाल दिया है। इस बीच भगवान रघुनाथ के जयकारों से घाटी गूंज उठी। ढालपुर रथ मैदान में भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। भगवान रघुनाथ देवालय रघुनाथपुर से दोपहर 2:30 बजे पालकी में सवार होकर रथ मैदान के लिए रवाना हुए।

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लोगों ने रास्ते में फूलों से स्वागत किया। 4:06 बजे रघुनाथ ढालपुर रथ मैदान पहुंचे। यहां उनकी विधिवत पूजा अर्चना हुई। मुख्यातिथि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने धर्मपत्नी के साथ रथ के पास पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद 4:50 बजे ढालपुर मैदान के बायीं ओर पहाड़ी पर स्थित मंदिर में विराजमान माता भेखली का इशारा मिलते ही जय श्रीराम और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ रथयात्रा शुरू हुई। लोगों और देवलुओं के अलावा देश-विदेश से आए पर्यटकों ने रस्सा पकड़कर रथ को खींचा। भगवान शाम 5:05 बजे रथ मैदान ढालपुर में अपने अस्थायी शिविर में पहुंचे। 

भगवान रघुनाथ के दरबार में भरी हाजिरी, देव मिलन देख हुए भावुक
ढालपुर मैदान में भगवान रघुनाथ के पहुंचने से पहले घाटी से आए देवी-देवताओं ने रघुनाथ के दरबार रघुनाथपुर में हाजिरी भरी। अब ढालपुर में अस्थायी शिविर में विराजमान रघुनाथ का 7 दिन अलग-अलग वस्त्रों से शृंगार कर पूजा होगी। कुल्लू घाटी से आए 300 देवी-देवता भी ढालपुर मैदान में बने अस्थायी शिविरों में रहेंगे। पहले दिन देव मिलन देख लोग भी भावुक हुए। दशहरा उत्सव में करीब 60 हजार लोगों ने शिरकत की।
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शृंगा ऋषि व बालू नाग का धुर विवाद दो दशक से चल रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। दशहरा उत्सव समिति ने 16 साल बाद दोनों देवताओं को उत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। दोनों देवता लाव-लश्कर के साथ दशहरा में पहुंचे हैं। परंतु दोनों देवता रथयात्रा में शामिल नहीं हुए और पहले की तरह इस बार भी अपने अस्थायी शिविरों में पुलिस के पहरे में रहे। रथयात्रा में भगवान रघुनाथ के दाईं ओर चलने को लेकर विवाद है। दोनों देवता करीब दो घंटे तक नजरबंद रहते हैं। दोनों के शिविरों के पास पुलिस का कड़ा पहरा लग गया है।
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