रथ मैदान से लेकर ढालपुर तक हजारों लोग और देसी-विदेशी सैलानी इस महोत्सव के साक्षी बने। 60 से अधिक देवी-देवताओं की उपस्थिति में सैकड़ों ढोल-नगाड़ों, नरसिंगों, शहनाई की स्वरलहरियों के साथ जय श्रीराम के उद्घोष के बीच सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ भगवान रघुनाथ का रथ खींचकर पुण्य कमाया।