अंतरराष्ट्रीय उत्सव में भाग लेने पहुंचे बंजार घाटी के बाहु पंचायत के देवता पझारी पर एक निजी कंपनी की ओर से लगाया गया गेट गिर गया। इससे देवता के छत्र को नुकसान पहुंचा।
इसके बाद देवता ने सड़क में ही आसन लगा लिया। सूचना मिलते ही प्रशासन से एसडीएम डा. सुरेश जस्वाल मौके पर पहुंचे, लेकिन देवता ने उनकी एक न सुनी। सूत्रों की मानें तो नियमानुसार पहले देवता बलि के लिए अड़े रहे।
क्योंकि देव नियमों के अनुसार अगर इस प्रकार की कोई घटना होती है तो बलि देने के बाद ही शुद्धि मानी जाती है। लेकिन हाईकोर्ट के पशु बलि पर रोक के कारण ये संभव नहीं हो पा रहा था।