चरस, अफीम, भुक्की, गांजा, चिट्टा/हेरोइन, स्मैक, ब्राउन शूगर, कोकीन, पॉपी प्लांट्स, कैप्सूल, टैबलेट, सीरप, इंजेक्शन।
पड़ोसी राज्यों के साथ हिमाचल ने की मोर्चाबंदी
राज्यों को नशा मुक्त करने के लिए हरियाणा में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई है। इसमें हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल थे, जबकि राजस्थान और दिल्ली के अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया था। इसमें नशाखोरी को रोकने के लिए पंचकूला में संयुक्त सचिवालय बनाने का निर्णय लिया गया। इसमें नशे को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
ये कार्यक्रम चलाए सरकार ने
प्रदेश में युवा नव जीवन बोर्ड की स्थापना
पड़ोसी राज्यों के साथ नशे को लेकर अभियान चलाया जाना
प्रदेश के 13 पुलिस जिलों में तकनीकी प्रकोष्ठ की स्थापना करना, डेढ़ सौ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना
नशे के सभी अपराधों को गैर जमानती बनाया जाना
पंचकूला में संयुक्त सचिवालय गठित किया गया। इसमें ड्रग्स के ऊपर रणनीति बनाई जा रही है
कॉलेजों और स्कूलों में नशे को लेकर विशेष अभियान
पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए भरकम प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू किया जा रहा है। छात्रों को नशे से दूर रखने के लिए अफसरों को स्कूलों में भेजा जा रहा है। हिमाचल को नशा मुक्त किया जा रहा है।