हिमाचल के पूर्व रणजी खिलाड़ी विक्रमजीत मलिक का कहना है कि धर्मशाला में सर्दियों के दिनों में शाम के समय ओस की परत जम जाती है। इसके चलते खिलाड़ियों को मैदान में फील्डिंग के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश के धौलाधार की तलहटी में बने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में भारत-श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले मैचों में ओस खिलाड़ियों के लिए परेशानी बन सकती है। शाम को सात बजे शुरू होने वाले मैच में पहली और दूसरी पारी में ओस की स्थिति मैच को बदलने का काम करेगी। धौलाधार की पहाड़ियों पर बिछी बर्फ की सफेद चादर के कारण शाम के समय धर्मशाला का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है।
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जैसे-जैसे रात होती है तो तापमान और कम हो जाता है। इसके लिए मैदान में गेंदबाजों को गेंद फेंकने और क्षेत्ररक्षकों को क्षेत्ररक्षण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जानकारों की मानें तो मैच के दौरान अगर मौसम साफ रहता है तो शाम को ओस पड़ेगी। अगर आसमान में बादल रहते हैं तो ओस बहुत कम रहेगी। अगर फरवरी के अंत में धर्मशाला में टी-20 मैच होते हैं तो इस दौरान ओस का प्रभाव अधिक रहेगा। इस कारण मैदान पर पड़ी ओस को बार-बार साफ करना पड़ेगा।
सर्दियों में ओस ज्यादा पड़ती है : मलिक
हिमाचल के पूर्व रणजी खिलाड़ी विक्रमजीत मलिक का कहना है कि धर्मशाला में सर्दियों के दिनों में शाम के समय ओस की परत जम जाती है। इसके चलते खिलाड़ियों को मैदान में फील्डिंग के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गेंदबाजों को भी बार-बार गेंद को साफ करना पड़ेगा, जिससे गेंद की पकड़ बनी रहे। किस इनिंग में कितनी ओस रहती है, वही अंत में मैच का निर्णय तय करेगी।