मौसम विभाग की भविष्यवाणी से इतर गांव में लोग गड़वे (लोटे) में रखे पानी से साल भर के मौसम का पूर्वानुमान लेते हैं। हिमाचल के चंबा जिले के उपमंडल भरमौर के एक मंदिर में यह प्रथा बहुत पुरानी है, जिसे लोग आज भी पूरी आस्था के साथ मानते हैं।
उपमंडल भरमौर से 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऐतिहासिक कार्तिक स्वामी के मंदिर में गड़वे में पानी रखने के पांच महीने बाद अगले एक साल के मौसम का पूर्वानुमान जारी होता है। इस परंपरा (मान्यता) का अनुसरण आज भी क्षेत्र के लोग कर रहे हैं।
कार्तिक स्वामी के इस भव्य मंदिर में हर वर्ष सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। सर्दियों के दौरान कार्तिक स्वामी के मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक स्वामी मंदिर के गर्भगृह में कपाट बंद होने से पूर्व एक लोटे में पानी भर दिया जाता है।
मंदिर के कपाट खुलने के वक्त यदि पानी का लोटा खाली मिले तो उस वर्ष इलाके में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसी तरह से यदि लोटा पानी से भरा ही मिले तो उपमंडल में उस वर्ष खूब वर्षा और अच्छी फसल होने का संकेत माना जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।