मंडी। जिले में नशे के विरुद्ध लोगों के बढ़ते आक्रोश के बाद जिला प्रशासन नशे की गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों पर जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करेगा। नशे की सप्लाई और डिमांड चेन को तोड़ने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा है। उपायुक्त मंडी ने मंगलवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत पुलिस लाइन मंडी में अधिकारियों के साथ बैठक कर नशे के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए।
कहा कि जन भागीदारी से ही नशे पर अंकुश लगाया जा सकता है। एसडीएम, डीएसपी और एसएचओ मिलकर मुहिम चला रहे हैं, ऐसे में जन प्रतिनिधियों से सहयोग अपेक्षित है। भरोसा दिया कि मुहिम में जन प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का सहयोग मिलेगा तो नशे पर काफी हद तक अंकुश लगाया जाएगा।
सभी संस्थाएं भी नशे के खिलाफ जीरो टाॅरलेंस की नीति अपनाएं। जिन अधिकारियों ने अभी तक स्कूल गोद नहीं लिए हैं, वे शीघ्र लें और समय-समय पर स्कूल जाकर बच्चों को नशा न करने के बारे में प्रोत्साहित करें। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान अपने-अपने विभाग के माध्यम से नशा निवारण पर विशेष गतिविधियां चलाएं।
...
युवा पीढ़ी को नशे के गर्त में जाने से रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे। अभिभावक बच्चों की दैनिक गतिविधियों और व्यवहार पर निगरानी रखें। नशे जैसी बुराई से बचाने पर ध्यान दें और जागरूक करें।
-अपूर्व देवगन, उपायुक्त मंडी
नशा मुक्ति केंद्रों का पुलिस और स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर निरीक्षण करें। जिले में एक सरकारी तथा तीन निजी क्षेत्र में नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। जन आंदोलन से ही नशे के प्रचलन पर रोक लगाई जा सकती है।
-डॉ. मदन कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी
...
जिले में पुलिस विभाग जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की प्रॉपर्टी जब्त की जा रही है। आरोपी पकड़े जा रहे हैं।
-सागर चंद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी
......
करीब 1700 प्रारंभिक स्कूलों में 56 ही लिए गोद
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हरि चंद ने बताया कि पहली से आठवीं तक के करीब 1700 स्कूलों में अभी तक अधिकारियों ने 56 स्कूल ही गोद लिए हैं। 56 में 36 प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने लिए हैं। उच्च शिक्षा उपनिदेशक यशवीर सिंह ने बताया कि नौवीं के 12वीं तक के अधिकतर स्कूल अधिकारियों ने गोद लिए हैं।
00