महिला कृष्णी देवी ने कहा कि देवता के नाम पर आदेश सुनाने का सिलसिला करवाचौथ के दिन से शुरू हुआ। कथित पुजारिन ने देवता का आदेश बताकर पूरे गांव को मेरे ऊपर थूकने का आदेश सुनाया था। निशा नाम की पुजारिन ने देवता के सामने कहा कि यह महिला जादू-टोना करती है। उन्होंने कहा कि वह उसी दिन से घर और गांव छोड़कर अपने रिश्तेदार के घर पिंगला आ गईं। छह नवंबर को यह घटना हुई।
मुझे पीटा गया
सेवानिवृत्त शिक्षक जयगोपाल ने भी आपबीती सुनाई और कहा कि उन्हें भी 6 नवंबर को सुबह पीटा गया। 7 नवंबर को उनकी शिकायत पर पुलिस एसएचओ सरकाघाट आए। उनके सामने भी देवता के आदेश बताकर मेरी पिटाई की गई। अपने जख्म दिखाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमारा समझौता भी करवाया और इसके बाद भी मुझे पीटा गया।
सब बिंदुओं पर पहले ही हो रही जांच
एसपी मंडी गुरदेव शर्मा का कहना है कि एफआईआर और पुलिस जांच में पहले ही इन सब बिंदुओं को शामिल किया जा चुका है। मामले में गठित जांच कमेटी भी जांच आगे बढ़ा रही है। कानून के दायरे में नियमानुसार जांच और कार्रवाई होगी।