केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर
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इन्वेस्टर मीट से पहले भाजपा के बड़े नेताओं के बीच अंतर्विरोध धीरे-धीरे सामने आने लगा है। इन्वेस्टर मीट की राजनीतिक और प्रशासनिक सभी बैठकों से किनारा करने वाले सांसद किशन कपूर के बाद अब केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर की भागीदारी सुनिश्चित न करना भी खलने लगा है।
ढलियारा में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने इस बात को माना कि अनुराग ठाकुर के केंद्रीय कारपोरेट राज्यमंत्री होने के बावजूद उन्हें धर्मशाला में 7 और 8 नवंबर को होने जा रही इन्वेस्टर मीट को प्राथमिकता नहीं दे पाए। अगर उनकी सक्रिय सहभागिता होती तो और बेहतर होता।
बताया जा रहा है कि जयराम सरकार ने अनुराग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित नहीं की है। इन्वेस्टर मीट की तैयारियों को लेकर हुई अभी तक किसी भी राजनीतिक और प्रशासनिक महत्वपूर्ण बैठकों में अनुराग को नहीं बुलाया गया। खुद उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर भी मान रहे हैं कि मीट में अनुराग ठाकुर की सक्रिय भागीदारी के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
सुनिश्चित करना होगा सौ फीसदी हो निवेश : अनुराग
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मीट कराना अच्छा फैसला है। इससे नया निवेश आएगा। उद्योगपति कागज साइन करके जाएंगे और यहां नया निवेश करेंगे, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका सौ फीसदी पैसा हिमाचल में निवेश हो।