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कवायद: बिजली जरुरत पूरी करने के लिए उद्योगपति लगा सकेंगे सौर प्रोजेक्ट, निदेशालय ने मांगे आवेदन

Thu, 15 Jan 2026 01:20 PM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, शिमला।

सार

अब उद्योगपति और निजी निवेशक अपनी बिजली जरूरत पूरी करने के लिए निजी भूमि पर पांच मेगावाट से अधिक क्षमता के ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट लगा सकेंगे। 
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सोलर पावर प्लांट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में अब उद्योगपति और निजी निवेशक अपनी बिजली जरूरत पूरी करने के लिए निजी भूमि पर पांच मेगावाट से अधिक क्षमता के ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट लगा सकेंगे। ऊर्जा निदेशालय ने इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरे वर्ष को खोल दी है। सोलर परियोजनाएं निजी स्वामित्व या निजी पट्टे की भूमि पर स्थापित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक हिमाचल को देश का पहला ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाना है। इसी कड़ी में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत स्वतंत्र विद्युत उत्पादक (आईपीपी), साझेदारी फर्म, निजी लिमिटेड कंपनियां और उद्योगपति आवेदन कर सकेंगे।

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औद्योगिक इकाइयां अपनी बिजली आवश्यकताओं के लिए कैप्टिव उपयोग के लिए भी 5 मेगावाट से अधिक क्षमता की सोलर परियोजनाएं स्थापित कर पाएंगी। इससे उद्योगों की ऊर्जा लागत घटेगी और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को गति मिलेगी। आवेदन के साथ 20 हजार प्रति मेगावाट की दर से नॉन-रिफंडेबल आवेदन शुल्क जमा करना होगा। वहीं, प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन जारी होने के 21 दिन के भीतर पांच लाख रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) जमा करनी होगी। अगर प्रोजेक्ट निर्धारित समय में कमीशन नहीं होता है तो ईएमडी जब्त कर ली जाएगी। डेवलपर को भूमि स्वामित्व या लीज से संबंधित दस्तावेज पेश करने होंगे। गैर-हिमाचली निवेशकों को हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा-118 के तहत भूमि उपयोग की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के परियोजना को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

बिजली की बिक्री पूरी तरह डेवलपर की जिम्मेदारी
सोलर परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की खरीद-बिक्री में ऊर्जा निदेशालय की कोई भूमिका नहीं होगी। बिजली की बिक्री या उपयोग की पूरी जिम्मेदारी डेवलपर की होगी। उत्पादित बिजली को किसी भी राज्य में बेचा जा सकता है या स्वयं के उद्योग में इस्तेमाल किया जा सकता है। परियोजनाओं को बिजली बोर्ड या ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के सब-स्टेशन या 33, 66 या 132 केवी फीडर से जोड़ा जाएगा। कनेक्टिविटी लाइन का निर्माण डेवलपर को अपने खर्च पर करना होगा। सरकार सोलर परियोजनाओं से पांच पैसे प्रति यूनिट की दर से रॉयल्टी वसूलेगी।

कहां और कैसे करें आवेदन आवेदन 
वेबसाइट doe.hp.gov.in पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में किया जा सकता है। आवेदन डाक या ई-मेल के माध्यम से ceenergy09@gmail.com पर भेजे जा सकते हैं। आवेदन के साथ बोर्ड या प्रदेश ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन से ग्रिड कनेक्टिविटी की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी।
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सात दिन में प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन
आवश्यक दस्तावेज पूरे होने पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर सात दिन में प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन जारी कर दिया जाएगा। परियोजना की सफल कमीशनिंग और अंतिम सीओडी घोषित होने के बाद स्थायी पंजीकरण दिया जाएगा। प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन की तिथि से 18 महीनों के भीतर परियोजना को कमीशन करना अनिवार्य होगा।
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