सम्मान समारोह के दौरान इन खिलाड़ियों ने यह भी कहा कि इस बार जकार्ता गई टीम में सीनियर खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया गया था। अन्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव कम होना भी टीम का फाइनल में हार का कारण रहा। समारोह के बाद कविता अपने घर मनाली रवाना हो गई।
जकार्ता गई भारतीय टीम में हिमाचल की तीन खिलाड़ियों प्रियंका नेगी, कविता ठाकुर और रितु नेगी शामिल रहीं। प्रियंका व रितु ने बिलासपुर में कबड्डी की बारीकियां सीखी हैं, जबकि कविता साईं हॉस्टल धर्मशाला में खेलना सीखी है। तीनों में अच्छी दोस्ती है।
प्रियंका नेगी का कहना है कि हिमाचल खेल विभाग परशुराम अवार्ड और नकद पुरस्कार पर लगी रोक हटाए, ताकि सीनियर को सम्मान मिलता देख जूनियर प्रेरित हों।
सिरमौर के शिलाई में सरकार हॉस्टल खोले, ताकि महिला खिलाड़ी यहीं पर कबड्डी की बारीकियां सीख सकें, क्योंकि प्रदेश की 12 महिला खिलाड़ियों की टीम में सात अकेले शिलाई से ही हैं। खेल छात्रावासों में महिला खिलाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो।
प्रियंका पर हिमाचल पुलिस को गर्व
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अशोक कुमार का कहना है कि कबड्डी खिलाड़ी पुलिस इंस्पेक्टर प्रियंका नेगी ने एशियन गेम्स में रजत पदक जीता है। बिलासपुर और हिमाचल पुलिस के लिए यह गर्व की बात है।
कविता ठाकुर का कहना है कि प्रदेश में महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार और विभाग को कदम उठाने चाहिएं। कविता ने बताया कि वह जब मनाली अपने घर पहुंचेगी, तो वहां जाकर वह अपने भाइयों को राखी बांधेगी।
बाहरी देशों के रेफरी कबड्डी की बारीकियों से अनजान : रेफरी
अंतरराष्ट्रीय रेफरी कृष्णलाल का कहना है कि बाहरी देशों के रेफरियों को कबड्डी की ज्यादा जानकारी न होने के कारण भारत को हार मिली। इस बार ओलंपिक में कबड्डी को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत के कोच कई देशों के खिलाड़ियों को कबड्डी की बारीकियां सिखा रहे हैं।उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने कहा कि खिलाड़ियों ने प्रदेश का मनोबल बढ़ाया है। उनकी हर मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।