हिमाचल के किन्नौर से सटी चीन सीमा तक सेना अब आसानी से पहुंच सकेगी। इस अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंचने के लिए सरकार अब एक वैकल्पिक मार्ग तैयार कर रही है। सत्रह किलोमीटर लंबी यह वैकल्पिक सड़क हिंदोस्तान-तिब्बत मार्ग का हिस्सा होगी।
लियो से चांगो तक इस सड़क के बनने से सामरिक महत्त्व का हिंदोस्तान तिब्बत मार्ग अब बार-बार अवरुद्ध नहीं होगा। किन्नौर और स्पीति की सीमा पर मलिंग पहाड़ी से लगातार भूस्खलन के चलते यह मार्ग वर्तमान में बार-बार अवरुद्ध होता है।
इसी समस्या के हल के लिए सरकार 70 करोड़ से लियो से चांगो तक यह वैकल्पिक मार्ग बना रही है। केंद्र की मदद से प्रदेश सरकार इस सड़क को बनाएगी। बीते दिन दिल्ली में हुई बैठक में केंद्र ने इसे हरी झंडी दे दी है।