पेमेंट बैंक में पेंशन अदायगी, सेविंग-करंट अकाउंट और विभिन्न तरह के बिलों का भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
अब हिमाचल के हर जिला मुख्यालय में डाक विभाग के पेमेंट बैंक खोले जाएंगे। मार्च 2017 तक प्रदेश में बैंक की 12 शाखाएं खोली जाएंगी। केंद्र सरकार ने डाक विभाग को बैंक में तबदील करने का फैसला लिया है। नेटवर्किंग से जुड़े सूबे के सभी डाकघरों में पेमेंट बैंक के विशेष काउंटर खुलेंगे।
पेमेंट बैंक में सेविंग-करंट अकाउंट खोले जाएंगे। विभिन्न तरह के बिलों की पेमेंट करने की सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार की डीबीटी के तहत विभिन्न योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की वेतन, पेंशन अदायगी भी डाक विभाग के पेमेंट बैंक से की जाएगी।
शनिवार को डाक विभाग के हिमाचल सर्किल के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल मेजर जनरल एके शौरी ने बताया कि आरबीआई की भारतीय डाक को पेमेंट बैंक के तौर पर काम करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद अब केंद्र सरकार ने भी इसे हरी झंडी दे दी है।
अगले साल मार्च में भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) के नाम से काम शुरू कर देगा। केंद्र ने पोस्ट बैंक को देश में 650 शाखाएं खोलने की इजाजत दी है।
डाकियों को आईपैड, स्मार्ट फोन दिया जाएगा
डाकिये को पोस्ट बैंक के अनुरूप प्रशिक्षित करने का काम शुरू हो रहा है।
पोस्ट पेमेंट बैंक पूरी तरह से प्रोफेशनल तरीके से चलाया जाएगा। संचार मंत्रालय एक सीईओ और अन्य प्रोफेशनल्स की नियुक्ति करेगा। केंद्र के फैसले को एके शौरी ने भारतीय डाक और भारतीय बैंकिंग के लिए गेमचेंजर कदम बताया है।
कहा कि पोस्ट बैंक का पूंजी आधार 800 करोड़ होगा। इसमें 400 करोड़ इक्विटी के तौर पर और शेष 400 करोड़ की राशि बतौर ग्रांट उपलब्ध कराई जाएगी। यह पूरी तरह से सरकार की सौ फीसदी हिस्सेदारी वाला उपक्रम होगा।
एके शौरी ने बताया कि डाकिये को पोस्ट बैंक के अनुरूप प्रशिक्षित करने का काम शुरू हो रहा है। इन्हें आईपैड और बेहतर स्मार्ट फोन देने के सुझाव पर विचार हो रहा है। हर डाकिये को एक छोटी सी हैंड हेल्ड मशीन दी जाएगी।
इससे ग्राहकों को घर पर हर तरह की बैंकिंग सेवा दे सकेंगे। पोस्ट बैंक कई सेवाएं देगा। दूसरे बैंकों के लिए मासिक किस्त वसूलना, साधारण तथा जीवन बीमा देना, पेंशन, म्यूचुअल फंड में निवेश की सुविधा देने का काम भी करेगा।