निदेशक डाक विभाग दिनेश कुमार मिस्त्री और सहायक चीफ पोस्ट मास्टर जनरल विशन सिंह ने बताया कि आम आदमी के लिए यह देश का सबसे आसान, किफायती और भरोसेमंद बैंक होगा। इससे बैंकों की पहुंच से बाहर की आबादी अथवा उन लोगों को लाभ होगा
जिन्हें कभी कभार बैंकिंग सेवा प्राप्त होती है। अशिक्षित व्यक्ति भी इस प्रणाली का आसानी से उपयोग कर सकेगा। इसमें खाताधारक को अपना खाता अथवा पिन नंबर आदि याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सारा लेन देन केवल क्यूआर कोड को पीओएस मशीन में डालने और अंगुली रखने मात्र से हो जाएगा। डाक विभाग के तत्वावधान में स्थापित आईपीपीबी में सरकार की सौ फीसदी पूंजी लगी है।
बैंक काउंटर सेवाओं के अलावा माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग एप, मेसेज और इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आइवीआरएस) जैसे माध्यमों से सेवाएं देगा। आईपीपीबी के खाते में अधिकतम एक लाख रुपये जमा कराए जा सकेंगे।
राशि इससे अधिक हो जाती है तो उस सूरत में भी ग्राहकों को पूरा लाभ मिलेगा। डाक विभाग के इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में जीरो बैलेंस पर खाता खोला जा सकता है। सिर्फ आधार कार्ड और पैन नंबर देने पर बायोमैट्रिक तरीके से खाता खोला जाएगा।
डाक विभाग जीपीओ के बाहर बूथ लगा कर बीते चार दिनों से लोगों के इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खाते खुलवा रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में करीब साढ़े चार हजार खाते खोले जा चुके हैं।