शिमला में इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप डायलॉग।
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भारत-बांग्लादेश के बीच संपर्क और मजबूत करने की जरूरत है। न केवल जलीय यातायात बढ़ाने, बल्कि सीमा पर सड़कों से आरपार की आवाजाही पर लगी रोक को हटाने के समझौते पर भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यह मुद्दा शुक्रवार को शिमला में इंडिया फाउंडेशन और बांग्लादेश फाउंडेशन फॉर रीजनल स्टडीज के संयुक्त तत्वावधान में इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप डायलॉग के तहत उठा।
पीटरहॉफ शिमला में हुए इस संवाद में भारत के विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह और बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री मोहम्मद शहरयार आलम समेत दोनों देशों के 15 सांसद, पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर और दोनों देशों के कई गण्यमान्य लोग भी इस दौरान मौजूद रहे। यह भी मसला उठा कि दोनों देशों का परस्पर निवेश बढ़ाया जाना चाहिए।
इंडिया फाउंडेशन की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव ने कहा है कि पहले दिन हुए संवाद में कनेक्टिविटी के बारे में चर्चा हुई है, जो सुधरी है। जलमार्ग से भी संपर्क बढ़ा है। जैसे पटना से एक जहाज गंगा से होता हुआ बांग्लादेश के रास्ते जा रहा है। अभी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सड़कों से सीमा से आरपार जाने की अनुमति नहीं है, इसे भी शुरू करने के बारे में समझौता हो रहा है। बांग्लादेश बनने के पचास साल हो गए हैं।
इतना ही वक्त भारत-बांग्लादेश के दोस्ताना संबंधों का हो गया। दोनों देश आतंकवाद व कट्टरवाद के खिलाफ हैं। दोनों धर्मनिरपेक्ष देश शांति के रास्ते पर चलना चाहते हैं। शनिवार को भी कई मुद्दों पर चर्चा होगी। एमजे अकबर ने कहा कि यह बंधुत्व का कार्यक्रम है। बांग्लादेश से इतने प्रभावशाली लोग आए हैं और एक परिवार की तरह विचार-विमर्श हो रहा है।
11वां राउंड बांग्लादेश में होगा
तय हुआ कि इस संवाद का 11वां राउंड बांग्लादेश में होगा। उसमें अर्थव्यवस्था, व्यापार और रणनीतिक संबंधों पर चर्चा होगी। दोनों देशों के आमजन में संबंध, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य क्षेत्र के रिश्तों और अन्य तमाम विषयों पर मंत्रणा होगी।