जीत का चौका लगाने के इरादे से उतरेगा भारत
वहीं, बारिश की आशंका के बीच धर्मशाला में गुरुवार को भारत-इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरिज का अंतिम मुकाबला शुरू होगा। जहां भारत जीत का चौका लगाने के इरादे से उतारेगा वहीं इंग्लैंड अंतिम मैच जीतने के लिए जोर लगाएगा। मैच से पहले एचपीसीए स्टेडियम में कन्या पूजन करेगा और बारिश के देवता भगवान इंद्रूनाग से मौसम साफ रखने की प्रार्थना करेगा। मैच के लिए सुबह नौ बजे टॉस होगा, जबकि साढ़े नौ बजे पहली गेंद फेंकी जाएगी। भारतीय टीम तीन मैच जीत कर सीरिज को अपने नाम कर चुकी है। स्टेडियम में 22 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। बताया जा रहा है कि मैच की तीन चौथाई टिकटें बिक चुकी हैं। मैच में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए करीब 600 पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। वे स्टेडियम के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इसके अलावा डॉग स्क्वायड और ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जाएगी।
जोएल विल्सन और रॉड टकर होंगे फील्ड अंपायर
भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरिज के अंतिम मुकाबले में जोएल विल्सन और रॉड टकर फील्ड अंपायर होंगे। इसके अलावा टीवी अंपायर का जिम्मा कुमार धर्मसेना के पास रहेगा। फोर्थ अंपायर जेआर मदनगोपाल और मैच के रेफ्री जेफ क्रो रहेंगे।
ऑनलाइन एक ही स्टैंड की मिल रहीं टिकटें
मैच के टिकट बुक करने वाली ऑनलाइन साइट पेटीएम इनसाइडर पर मात्र एक ही स्टैंड की टिकट बिक्री के दर्शाई जा रही है, जबकि बाकी स्टैंड बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं। पेटीएम इनसाइडर पर नाॅर्थ-2 स्टैंड पर ही टिकट की उपलब्धता दशाई जा रही है, जोकि 7500 रुपये की है। ऐसे में सस्ती टिकटों के सहारे मैच देखने वाले क्रिकेट प्रेमियों को निराशा हाथ लगी है।
मौसम और पिच को देखते हुए तीन गेंदबाजों के साथ उतर सकती है टीम इंडिया
भारत और इंग्लैंड के बीच वीरवार से धर्मशाला में शुरू हो रहे मैच में मौसम और पिच का अहम रोल रहेगा। पिछले दिनों हुई बारिश और मैच के तीन दिन मौसम कुछ खराब रह सकता है। ऐसे में पिच तेज गेंदबाजों को भी मदद कर सकती है। इसके चलते टीम प्रबंधन प्लेइंग इलेवन में तीन तेज गेंदबाजों को भी खेला सकता है। टीम कॉम्बिनेशन को लेकर प्रबंधन माथापच्ची कर रहा है। अगर टीम में तीन तेज गेंदबाज शामिल किए गए तो किसी एक स्पिनर को बाहर करना पड़ेगा। धर्मशाला मैच के लिए भारतीय टीम प्रबंधन प्लेइंग 11 को लेकर असमंजस है। धर्मशाला की पिच अन्य भारतीय मैदानों की तुलना तेज गेंदबाजों के फ्रेंडली मानी जाती है। ऐसे में तेज गेंदबाजों को विकेट लेने में मदद मिलेगी। अभी तक पूरी सीरीज में भारतीय टीम तीन स्पिनरों से साथ मैदान में उतरी है। यह पहला मौका हो सकता है जब टीम तीन गेंदबाजों के साथ उतरेगी। टीम में जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई और मोहम्मद सिराज भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे है। टीम एक अन्य तेज गेंदबाज काे शामिल कर सकती है। पिछले मैच में शुरुआती तीन विकेट लेकर तेज गेंदबाज आकाशदीप ने काफी प्रभावित किया था। इसके अलावा मुकेश कुमार अंतरराष्ट्रीय मैचों में अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं। चयनकर्ताओं के लिए इन दोनों में से किसी एक को खेलना होगा।
दूसरी ओर भारतीय टीम यह भी चाह रही है कि वह विनिंग काॅम्बिनेशन को न छेड़े। सीरीज में कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विनी की तिकड़ी अच्छा प्रदर्शन करती आई है। तीनों गेंद के साथ-साथ बल्लेबाजी भी अच्छी करते हैं। ऐसे में यदि ये तीनों खेले तो किसी एक तेज गेंदबाज को बाहर बैठना होगा। धर्मशाला में 9 से 12 फरवरी को दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के बीच खेला गया था। यहां चार दिन में 36 विकेट गिरे थे। ये सभी 36 विकेट पेसर्स ने निकाले थे। ऐसे में भारतीय टीम भी अपनी पेस बैटरी पर भरोसा जता सकती है।
मौसम का भी फेक्टर
पांच दिवसीय टेस्ट मैच के तीन दिन मौसम भी खलल डाल सकता है। मैच के पहले दिन 6 मार्च के अलावा 10 और 11 मार्च को बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा आसमान पर बादल भी छाए रह सकते हैं। ऐसे में संभव है कि पिच तेज खेले और गेंदबाजों को स्विंग भी मिले। ऐसे में तीन तेज गेंदबाजों को खेलना अच्छा विकल्प हो सकता है।