शिमला के तीन नामचीन ज्वेलर्स के ठिकानों पर छापामारी के बाद अब इनकम टैक्स विभाग की नजर उनके ग्राहकों पर है। ज्वेलर्स के ठिकानों पर छापामारी के दौरान कितनी संपत्ति और नकदी बरामद हुई है, इसकी जानकारी आधिकारिक रूप से नहीं मिली है। सूत्रों की मानें तो आईटी टीम को नोटबंदी के दौरान हुई आभूषणों की भारी खरीद से जुड़े काफी दस्तावेज मिले हैं।
इन्हें विभाग ने कब्जे में ले लिया है। सभी ज्वेलर्स की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। सूत्रों का कहना है कि विभाग नोटबंदी के दौरान हुई आभूषणों की खरीदारी, रसीदों और बैंक खातों में जमा रकम का मिलान करने की तैयारी में है। ऐसा होने पर ज्वेलर्स की कर चोरी के साथ नोटबंदी के दौरान हुए संभावित नोट बदलाव की भी पड़ताल की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि तीनों ज्वेलर्स ने नोटबंदी के दौरान बड़ी मात्रा में आभूषणों की बिक्री दिखाते हुए 500-1000 के नोट जमा किए थे। चूंकि, बैंक खातों में जमा होने वाली हर रकम की जानकारी इनकम टैक्स विभाग से साझा कर रहे थे, इसलिए शुरू से इनकम टैक्स विभाग तीनों ज्वेलर्स पर नजर रखे हुए था।
और भी ज्वेलर्स हैं रडार पर
विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन ज्वेलर्स विभाग के रडार पर हैं। विभाग इनकी पिछले सालों की बिक्री और नोटबंदी के दौरान हुई आभूषणों की खरीद फरोख्त की पड़ताल कर रहा है। इसमें बैंक खातों के अलावा इनकम टैक्स रिटर्न और विभिन्न तरह के कर की भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।