विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सदन में अमर उजाला गूंजा। भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि आर्थिक मंदी में सेब ने हिमाचल की लाज रख ली। कहा कि प्रदेश में सेब सीजन में करीब 5 हजार करोड़ का कारोबार हुआ है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब का अहम योगदान है। सेब को बचाने के लिए स्टील के ढांचे के साथ एंटीहेल नेट पर ही उपदान दिया जाए, क्योंकि बांस के सड़ने का डर रहता है।
बरागटा ने कहा कि बागवानी का और अधिक विस्तार किया जाए। इटली से वायरस वाले सेब पौधे खरीदे गए,जबकि अमेरिका और फ्रांस से ही सेब पौधे आयात किए जाने चाहिए। इस पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अमेरिका से वायरस मुक्त सेब के हजारों पौधे आयात किए हैं। सीए स्टोर की 200 मीट्रिक टन फलों के भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 5700 मीट्रिक टन किया जा रहा है। गुम्मा, जड़ोल और टिक्कर में सीए स्टोरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों में विधायन यूनिट स्थापित करने की जरूरत है। चेरी के साथ अन्य फलों को भी कोल्ड स्टोर में भंडारण की व्यवस्था करना जरूरी है। सरकार बागवानों से किए वादों के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है। केंद्र सरकार ने सेब पर आयात शुल्क बढ़ाकर 70 फीसदी किया है। हिमाचल के सेब पर आज भी खतरा मंडरा रहा है। बागवानी विकास के 1134 करोड़ के प्रोजेक्ट से प्रदेश के बागवानों का सही मायने में विकास होगा।